औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने शुरू कर दी विभिन्न खाद्य सामग्री की सैंपलिंग

अंकित राजपूत:

बिलासपुर :

दीपावली को कुछ ही दिन शेष हैं। इसको देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य सामग्री की सैंपलिंग की तैयारी शुरू कर दी। एक बार फिर मिठाई दुकान में छापा मारकर दुकानदारों को परेशान किया जाएगा। जबकि इस कार्रवाई को कोई लाभ नहीं होने वाला है। इसकी वजह है कि रिपोर्ट आने में दो महीने से ज्यादा का समय लग जाता है।

सात नवंबर से दिवाली पर्व मनाया जाएगा। इसमें बड़े पैमाने में मिठाइयों के साथ अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री होगी। इसी दौरान अमानक व मिलावटी खाद्य सामग्री खपाने के भी आशंका रहती है। इसको देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम सक्रिय हो जाती है।

लेकिन त्योहार से ठीक पहले होने वाली इस कार्रवाई का कोई लाभ नहीं मिलता है। इससे सिर्फ व्यापारियों को परेशानी होती है। सैंपल की रिपोर्ट आने में ही दो से तीन महीने लग जाते हैं। तब तक अमानक खाद्य सामग्री की भी बिक्री हो चुकी रहती है। अधिकारी सिर्फ दिखावे के लिए सैंपल लेते हैं।

14 दिन में मिलनी चाहिए रिपोर्ट

नियमानुसार सैंपल की जांच रिपोर्ट 14 दिन में मिल जानी चाहिए। प्रदेश में सिर्फ एक ही लैब होने के कारण जांच होने में महीनों लग जाते हैं। ऐसे में रिपोर्ट आते तक सेटिंग हो जाती है। लेनदेन कर मामला दबा दिया जाता है।

इनकी होगी सैंपलिंग

इस बार खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मिठाइयों के साथ मेवा, पेक्ड पकवान और इन पकवानों के बनाने में वाले कच्ची खाद्य सामग्री की सैंपलिंग करेगी। इसका सबसे ज्यादा असर मिठाई का कारोबार करने वालों पर पड़ेगा।

दिवाली को देखते हुए खाद्य सामग्री की सैंपलिंग की जाएगी। इस बार जांच रिपोर्ट जल्द मांगा गया है, ताकि त्योहार के दौरान अमानक खाद्य बेचने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
देवेंद्र कुमार विंध्यराज
खाद्य निरीक्षक

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