मध्य प्रदेश में लुटेरी दुल्हनों का आतंक, 100 से ज्यादा लोगों को बना चुकी अपना शिकार

बीते 5 महीनों में प्रदेश में लुटेरी दुल्हनों के 10 से ज्यादा मामले दर्ज

नई दिल्ली:मध्य प्रदेश का दिल इन दिनों लुटेरी दुल्हनों ने चुरा रखा है. सिर्फ दिल ही नहीं पैसे गहने सब कुछ. बीते 5 महीनों में प्रदेश में लुटेरी दुल्हनों के 10 से ज्यादा मामले दर्ज हो चुके हैं. कुछ दुल्हने गिरफ्त में भी आ चुकी हैं लेकिन क्या ये मामला इतना भर है. तफ्तीश में जो खुलासा हुआ वो हैरान करने वाला है.

पैसे लो…फेरे लो…और जेवर और नकदी के साथ फरार हो जाओ…जी हैं, मध्य प्रदेश में लुटेरी दुल्हनों का आतंक है और ये सब कुछ इतने बड़े पैमाने पर चल रहा है कि कोई सोच भी नहीं सकता. मध्य प्रदेश में लुटेरी दुल्हनों के 25 से ज्यादा गिरोह सक्रिय हैं. इतना ही नहीं ये 100 से ज्यादा लोगों को अपना शिकार भी बना चुकी हैं.

आखिर क्यूं दूल्हे या उसके घरवालों को शक नहीं होता. साथ ही लुटेरी दुल्हनों के दलाल कौन हैं और ये गिरोह कैसे ऑपरेट होता है. इस गिरोह में कितने लोग होते हैं और किस तरह ये लोगों को फंसाते हैं, फिर कैसे पूरा गैंग रफूचक्कर हो जाता है. इन तमाम सवालों का जवाब जानने के लिये आजतक ने गहराई से जांच पड़ताड़ शुरू की.

सूत्रों को टटोलते हुए आखिरकार मध्य प्रदेश के खंडवा के ग्रामीण इलाके में पहुंचा. यहां टीम की मुलाकात ऐसे दलाल से हुई जो 100 से ज्यादा ऐसी शादियां करवा चुका था. पहचान छुपाने की शर्त पर वह बात करने को तैयार हुआ. फिर बातचीत में चौंकाने वाले खुलासे हुए.

दलाल ने बताया कि सबसे पहले दलाल लोगों के संपर्क में आते हैं. फिर वॉट्सऐप पर लड़कियों की तस्वीरें दिखाई जाती हैं. लड़की को पसंद करने के बाद लड़के से एडवांस लिया जाता है. किस दूल्हे से कितने रुपये लेने हैं ये उसकी उम्र से तय होता है.

दलाल ने बताया कि गिरोह के लोगों के बीच बातचीत भी कोडवर्ड में होती है. यही नहीं, किसी भी लड़की को लुटेरी दुल्हन बनाने से पहले उसको बाकायदा ट्रेनिंग दी जाती है. उसके नकली मां बाप रिश्तेदार तैयार किए जाते हैं और तो और आधार कार्ड भी नकली बनाया जाता है.

आपको जानकर हैरानी होगी कि ये रैकेट केवल मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है बल्कि महाराष्ट्र और गुजरात तक लुटेरी दुल्हनों का जाल फैला है. पूछताछ में दलाल ने बताया कि लूट के माल में आधे-आधे की हिस्सेदारी होती है. यानी आधा माल लड़की का और आधा दलाल का.

अब तक साफ हो गया था कि इस गोरखधंधे का विस्तार उम्मीद से कहीं ज्यादा है. इसके शिकार दर्ज हुए मामलों से काफी ज्यादा हैं. इसे अंजाम देने वाले बेखौफ हैं और इन तक पहुंचने में पुलिस के हाथ छोटे हैं.

ऐसा नहीं कि पुलिस ने लुटेरी दुल्हनों पर शिकंजा नहीं कसा. हाल ही में मध्य प्रदेश के खंडवा, सागर, बड़वानी में लुटेरी दुल्हनें गिरफ्त में आई. तफ्तीश में खुलासा हुआ कि ये दुल्हनें अब तक 4 से पांच शादियां कर चुकी थीं यानी कई बेचारे दुल्हे लुट चुके थे. लुटरी दुल्हनों के शिकार लोगों की अजब दास्तां है. उन पर जो बीतती है वो बता भी नहीं सकते.

दलाल ने बताया कि ज्यादातर लुटे पिटे दूल्हे बेइज्जती होने के डर से सामने नहीं आते. जो आने की हिम्मत करते हैं तो सबूत नहीं मिलते. नकली नाम, नकली पहचान, नकली रिश्तेदार. यही नहीं दुल्हन जाते-जाते तमाम वीडियो सबूतों पर भी हाथ फेर जाती है.

इसी कड़ी में विकास साहनी नाम का युवक भी सामने आया जो लुटेरी दुल्हन के शिकारों में से एक है. उनके भाई नितिन ने बताया कि रमा नाम की लड़की शादी हुई थी. साथ ही रजिया नाम की महिला ने दोनों की शादी करवाई थी. उनके पास दोनों की तस्वीरें मौजूद हैं.

नितिन का कहना है कि उनके भाई विकास की शादी की उम्र बीती जा रही थी जिसकी वजह से घरवालों की चिंता थी कि विकास की वक्त पर शादी हो जाए. नितिन की मां के संपर्क में रजिया नाम की एक दलाल आई. उसने शादी के लिए औरंगाबाद की रमा नाम की एक लड़की का जिक्र किया.

उसने कहा कि शादी के ऐवज में पहले 50 हजार पेशगी लगेगी. नितिन के परिवार को शादी की जल्दी थी लिहाजा वो शर्त मान गए. धूमधाम से शादी हुई. शादी के बाद रमा अपने भाई को साथ लेकर ससुराल आई. उसने ये कहा कि अगले दिन उसका भाई चला जाएगा.

लेकिन उसी रात दुल्हन अपने कथित भाई के साथ तमाम गहने और नगदी लेकर फरार हो चुकी थी. सुबह जब परिवार को मामले की जानकारी लगी तो उनके होश फाख्ता हो गए. दुल्हन अपने कथित भाई के साथ तमाम गहने और नगदी लेकर फरार हो चुकी थी.

लुटेरी दुल्हन ने फरार होने से पहले सारे वीडियो सबूत भी मिटा दिए. यही नहीं, जाते जाते देवर के फोन का मेमरी कार्ड भी साथ ले गई ताकि कोई पहचान बाकि ना रहे. साहनी परिवार एफआईआर दर्ज करवा चुका है लेकिन अब तक लुटेरी दुल्हन रमा का कोई अता पता नहीं चला है.

बता दें, साहनी परिवार लुटेरी दुल्हनों का शिकार कोई इकलौता परिवार नहीं है. बल्कि इसी इलाके में पांच महीने में 10 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. लेकिन ज्यादातर पीड़ित पुलिस के सामने आने से हिचकते हैं.

साथ ही उन्हें इस बात का डर होता है कि अगर मामला खुलेगा तो उन पर दुल्हन खरीदने का आरोप लगेगा या फिर फिर ये डर भी सताता है कि अब लड़के की आगे शादी ना होगी. एसपी विवेक सिंह का कहना है कि पुलिस के सामने भी परेशानी लोगों के आगे आकर रिपोर्ट दर्ज ना कराने की है.

लुटेरी दुल्हन के शिकार इज्जत जाने और जग हंसाई के डर से पुलिस के पास नहीं जाते. लुटेरी दुल्हनों का ये जंजाल कई राज्यों में फैला है. एक राज्य में वारदात को अंजाम दे कर ये दूसरे राज्य पहुंच जाती हैं. दो राज्यों की पुलिस में तालमेल ना होने के चलते ये लगातार कई वारदात को अंजाम देने में कामयाब रहते हैं.

लुटेरी दुल्हनें या गिरोह दरअसल लोगों की उस मानसिकता का फायदा उठता है जिसमें शादी में देरी होने या शादी नहीं होने को भी इज्जत से जोड़ कर देखा जाता है. हाल में पुलिस ने अनीता उर्फ आरती नाम की लुटेरी दुल्हन को गिरफ्तार किया था.

आरती ने हरसूद के युवक केदार विश्वकर्मा से शादी की और रकम लेकर फरार हो गई थी. पुलिस को इसकी तलाश थी. फिर पुलिस ने इसे खंडवा में शादी करते पकड़ा. इससे पूछताछ हुई तो खुलासा हुआ कि ये पहले भी चार शादी कर चुकी है. साथ ही 1 नवंबर 2020 पहली शादी देवास जिले में की और 60 हजार रुपये लेकर फरार हो गई थी.

3 दिसंबर 2020 को दूसरी शादी राजस्थान के चित्तौडगढ़ में की. जहां से 80 हजार रुपये लेकर फरार हो गई. 23 दिसंबर 2020 को हरसूद के केदार से शादी की और 40 हजार लेकर फरार हो गई थी. वहीं, 4 जनवरी 2021 को खंडवा के एक युवक से शादी की और 60 हजार रुपये लेकर रफूचक्कर हो गई.

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