तीन दिवसीय आजमगढ़ फिल्म फेस्टिवल आज से शुरू, सेमिनार का भी आयोजन

आजमगढ़ में होगा अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का आयोजन

आजमगढ़ :

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह की शुरुआत होने जा रहा है। बुधवार से होने वाले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल की शुरुआत ओमपुरी की अंतिम फिल्म अलेक्स हिंदुस्तानी से होगी। इस फिल्म समारोह के मुख्य आकर्षण फिल्म अभिनेता यशपाल शर्मा और पंकज त्रिपाठी होंगे।

फिल्म फेस्टिवल के दौरान फिल्म अभिनेता ओमपुरी के भारतीय सिनेमा में योगदान पर सेमिनार का भी आयोजन होगा। उक्त बातें नाट्य समीक्षक और फिल्म फेस्टिवल के निदेशक अजीत राय ने नगर के सिधारी स्थित राहुल प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी।

उन्होंने बताया कि इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का आयोजन सूत्रधार संस्थान और निनाद फाउंडेशन आजमगढ़ के संयुक्त तत्वाधान में किया जा रहा है। पहली बार आजमगढ़ जैसे शहर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह का आयोजन हो रहा है।

यह आयोजन शहरवासियों, कलाप्रेमियों खासकर सिनेप्रेमियों के लिए गौरव की बात है। इस फिल्म फेस्टिवल में बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता यशपाल शर्मा, नेशनल फिल्म अवार्ड से सम्मानित अभिनेता पंकज त्रिपाठी शिरकत करेंगे।

साथ ही फिल्म निर्देशक राजा बुंदेला, संजय सहाय, सीमा कपूर, रंजीत कपूर, त्रिपुरारी शरण आदि मौजूद रहेंगे। समारोह के दौरान युवाओं के लिए फिल्म निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई है।

हिंदी सिनेमा की बेमिसाल अभिनेत्रियों पर वरिष्ठ कवि दिनेश कुशवाहा की कविताओं की पोस्टर प्रदर्शनी लगाई जा रही है। इनमें स्मिता पाटिल, रेखा, हेलन और मधुबाला प्रमुख हैं।

यह है तीन दिन का कार्यक्रम

पहले दिन बुधवार को ओम पुरी की अंतिम फिल्म अलेक्स हिंदुस्तानी से आजमगढ़ अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह की शुरुआत शाम पांच बजे होगी। फिल्म के निर्देशक राजा बुंदेला मुख्य अतिथि होंगे। अभिनेता यशपाल शर्मा और प्रतिभा शर्मा विशिष्ट अतिथि होंगे।

दूसरे दिन गुरुवार का दिन यशपाल शर्मा की फिल्मों को समर्पित है। सुबह से शाम तक उनकी चार-पांच फिल्में दिखाई जाएंगी। आखिरी दिन शुक्रवार को आधा दिन औरतों को समर्पित है जहां सीमा कपूर की फिल्म हाट द वीकली बाजार दिखाई जाएगी।

समारोह का समापन रंजीत कपूर की फिल्म जय हो डेमोक्रेसी से होगा। यह फिल्म आज की राजनीति पर कटाक्ष है। गौतम घोष के निर्देशन में बनी संजय सहाय की फिल्म पतंग मुख्य आकर्षण होगी।

इसके अलावा आजमगढ़ के नौजवान फिल्म निर्माताओं के लिए भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान पुणे एफटीआईआई की दो फिल्में दिखाई जाएंगी। जिनका निर्देशन त्रिपुरारी शरण ने किया है। ये फिल्में वह सुबह किधर निकल गई और जब दिन चलें न रात चले हैं।

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