छत्तीसगढ़

एटीएम से निकले फटे नोट ग्रामीणों ने जताई नकली नोट की आशंका

भटगांव: नगर पंचायत भटगांव मे आज जमगहन सरपंच शिवनंदन कुर्रे एसबीआई के एटीएम से पैसे निकालने गया था जहां एसबीआई के एटीएम से जब पैसे निकाले तो एटीएम से निकले पांच-पांच सौ के नोटों को देखकर सरपंच हैरान हो गया तो वहीं एटीएम से निकले सोलह हजार रुपये के नोट पूरी तरह कटे-फटे तथा खराब थे, जिसमें से पांच-पांच सौ के पांच नोट ऐसे थे, जिसे देखने पर लग रहा था कि ये नोट नकली है। वहीं जब एटीएम से निकले नोटों को लेकर सरपंच बैंक पहुंचे तो उन नोटों को बैंक के द्वारा बदल दिया गया।

जहां उस नोट में गांधी जी की फोटो पूरी तरह मिट गई थी। वहीं आपको बता दें कि भारत देश के सबसे बड़े और विश्वसनीय बैंक भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के भटगांव शाखा के एटीएम से आज जिस तरह के नोट बाहर निकला उससे बैंक की विश्वनीयता पर ही सवाल खड़े कर रहे हंै।

तो वहीं आरबीआई का नियम ही यही है कि अगर नोंटो में कुछ लिखा हो या फिर नोट कटा फटा हो तो वो चलने के लायक नहीं है इन सब के बावजूद एसबीआई के कर्मचारी एसबीआई के एटीएम में ऐसे नोट डाल रहे है जो या तो चलने के लायक नही है या फिर इन नोटों को देखने से नकली नोट होने की आशंका होती है।

जहा भटगांव शाखा के एसबीआई एटीएम में ऐसा ही मामला सामने आया जब शिवनंदन कुर्रे भटगांव एटीएम मे पैसे निकालकर बाहर आये तो शिवनंदन ने खराब नोटों की सूचना बैंक को दी जिसके बाद बैंक ने शिवनंदन को सोलह हजार रुपए को बदला। बदले गए नोटों में से पांच-पांच सौ के पांच नोट ऐसे थे जिसे देखने पर उसके नकली होने की आशंका उक्त युवक को हो रही थी

बैंक मैनेजर से बात करने की कोशिश, किया इंकार

जहां इस पूरे मामले को लेकर बैंक मैनेजर से बात करने की कोशिश की गई तो उनके द्वारा इंकार कर दिया उसके बाद फिर पूछने पर बताया कि ये सभी पुराने खराब नोट है नकली नोट नहीं है। एक तरफ आरबीआई नकली नोटों से लोगों को सावधन करता है तो दूसरी तरफ देश के सबसे बड़े बैंक से इस तरह नोट निकलना बैंक कर्मचारियों के ऊपर हजारों सवाल खड़े करते है, तो वहीं इस मामले में नोट एटीएम से निकला था तो नोटों को चुपचाप बिना किसी विवाद के बदल दिया गया, लेकिन सवाल ये उठता जब खराब नोटों को बैंकों के माध्यम से आरबीआई में जमा किया जाता है तो एसबीआई के द्वारा एटीएम में खराब नोटों को डालकर आम जनता को क्यों परेशान किया जा रहा है। वहीं नगर के भारतीय स्टेट बैंक में लगे एटीएम के पास एक भी गार्ड नहीं रहता जिससे एटीएम में कभी भी चोर घुस सकते हैं।

8-9 माह पहले एटीएम में कुछ चोरों ने की थी तोडफ़ोड़

तो वहीं 8, 9 माह पहले कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा एटीएम में तोड़ फोड़ भी की गयी थी जिसका आज तक कोई सुराग नहीं मिल पाया। इससे साफ जाहिर होता है कि कहीं न कहीं बैंक मैनेजर की लापरवाही से ही ये सारे काम हो रहे हैं। जहां अगर स्टेट बैंक के पास लगे एटीएम में गार्ड रहता तो शायद इस तरह तोड़ फोड़ एटीएम में नहीं होता।

भटगांव स्टेट बैंक में कई मैनेजर आये और चले गये, लेकिन किसी ने गार्ड रखने की बात को ध्यान में नहीं रखी। सब अपना देखते रहे। बाकी आरबीआई का पैसा कुछ भी हो हमे क्या कहकर चलते बनते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या एटीएम में गार्ड रखे जाएंगे या फिर से कटे फटे नोट निकलेंगे। ये तो आने वाला समय और वक्त बतायेंगा।

Tags
Back to top button