ट्रेलर ने महिला को 30 मीटर घसीटा, माैत से गुस्साए ग्रामीणों ने रास्ता रोका, लगा दी आग

इसके पहले भी ऐसे कई हादसे हो चूके लेकिन पुलिस की ओर से किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं

अंकित मिंज

बिलासपुर। सीपत थाना क्षेत्र के जांजगी गांव स्थित किसान पेट्रोल पंप के पास शनिवार दोपहर कोयले से लदे ट्रेलर ने बाइक सवार दंपति को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि पति छिटककर दूसरी ओर जा गिरा, जबकि महिला पहिए में फंस कर 30 मीटर तक घिसटती गई।

हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने रास्ता जाम कर दिया और ट्रेलर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। ट्रेलर स्पीड में था काबू में नहीं कर पाया चालक दर्राभाठा से राही बाई अपने पति हरीश श्रीवास के साथ बाइक पर रिश्तेदार के यहां हुए बच्चे को देखने जिला अस्पताल आ रही थीं।

दोनों जांजी गांव में किसान पेट्रोल पंप के पास पहुंचे ही थे कि सीपत से गतौरा के कोलवाशरी जा रहे ट्रेलर के चालक ने तेजी से वाहन चलाते हुए हरीश की बाइक में पीछे से टक्कर मार दी।
हरीश तो सड़क के दूसरी तरफ जा गिरा।

पत्नी राही बाई पहिए में फंस गई और सड़क पर घिसटती हुई चली गईं। हादसा इतना वीभत्स था कि राही का शरीर कई टुकड़ों में बंट गया। घटना में रानी की मौके पर ही मौत हो गई।

ट्रेलर चालक था स्पीड में

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया ट्रेलर चालक मबहुत स्पीड में था और जब बाइक सवार श्रीवास दंपती के पास पहुंचा तो ट्रेलर को काबू में नहीं कर सका। हादसे के बाद ट्रेलर चालक मौके से भाग निकला।

गुस्साए ग्रामीणों ने रास्ता जाम किया। ट्रेलर में तोड़-फोड़ कर आग लगा दी। पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड को भी पहुंचने के लिए कहा। ग्रामीणों का कहना था कि यहां हर दूसरे दिन हादसा होता है।

पुलिस कुछ कार्रवाई नहीं करती। कोल वाशरी वालों से सांठ-गांठ के कारण हमेशा कार्रवाई से बचती है। 3 घंटे तक सड़क जाम होने के बाद ग्रामीण को पुलिस ने मृतक के परिवार को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही। इसके बाद जाम खोला।

12 दिन पहले बच्चे की मौत पुलिस का आश्वासन अधूरा

सीपत थाना क्षेत्र के फरहदा गांव में 1 जनवरी को सड़क पार कर रहे ढाई वर्षीय बालक दीपांशु केवट की मौत भी ट्रेलर की टक्कर से हो गई थी। हादसे के बाद गांव की महिलाओं ने लाठी.डंडे निकालकर ट्रेलर में तोड़-फोड़ करने के बाद रास्ता जाम कर दिया था।

पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही चेकिंग प्वाइंट लगाएंगे और जांच की जाएगी कि ड्राइवर नशे में तो नहीं है। जांच के बाद ही ट्रेलर को आगे जाने देंगे। पुलिस ने अपना आश्वासन पूरा नहीं किया।

पुलिस चेकिंग नहीं, नशे की हालत में चलाते हैं वाहन

गतौरा में अधिकांश कोलवाशरी हैं और वहां तक पहुंचने के लिए चालक ज्यादा चक्कर लगाने के लिए बहुत तेज रफ्तार से ट्रेलर चलाते हैं क्योंकि जितने ज्यादा चक्कर लगाएंगे उतने ही ज्यादा रुपए मिलते हैं।

इस चक्कर में ट्रेलर चालक नशा करके वाहन चलाते हैं जो हादसे का कारण बन जाते हैं। कहीं भी पुलिस की चेकिंग नहीं होती है इसलिए उन्हें किसी का डर भी नहीं रहता। हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकलते हैं।

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