संग्रहण वर्ष 2019 में तेंदूपत्ता संग्रहण काल के पूर्व शाख कर्तन कार्य के लिए दिया गया प्रशिक्षण

अच्छे गुणवत्ता के तेंदूपत्ता संग्रहण करने पर दिया जोर

मनोज मिश्रा

महासमुंद: जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित सामान्य वनमंडल महासमुंद के अंतर्गत आने वाले 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में संग्रहण वर्ष 2019 में तेंदूपत्ता संग्रहण काल के पूर्व शाख कर्तन कार्य का कार्यशाला का आयोजन आज वन काष्ठागार पिथौरा में महासमुंद विधायक एवं जिला वनोपज सहकारी संघ अध्यक्ष विनोद चंद्राकर की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। महासमुंद जिला यूनियन के 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति 795 संग्रहण केंद्र संचालित है, जिसमें वर्ष 2019 में 95400 मानक बोरा का संग्रहण लक्ष्य रखा गया है। शाख कर्तन कार्य का प्रोत्साहन राशि 55 रूपए प्रति मानक बोरा निर्धारित किया गया है।

इस अवसर पर महासमुंद विधायक एवं जिला वनोपज सहकारी संघ के अध्यक्ष विनोद चंद्राकर ने तेंदूपत्ता संग्रहण दर शासन के द्वारा प्रति मानक बोरा 4 हजार रूपए किए जाने की जानकारी दी एवं अच्छे गुणवत्ता के तेंदूपत्ता ही संग्रहण किये जाने पर जोर दिया। वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक आलोक तिवारी ने अपने उद्बोधन में शाख कर्तन कार्य हेतु विभिन्न बिन्दुओं पर ध्यान आकर्षित कराया इनमें शाख कर्तन कार्य की अवधि 1 मार्च से 15 मार्च 2019, शाख कर्तन कार्य हेतु रापा, तेज धार आदि छोटी कुल्हाड़ी द्वारा किया जाता है।

शाख कर्तन कार्य आबादी, राजस्व भूमि एवं वन क्षेत्र में किया जाना है। शाख कर्तन का कार्य प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के फड़मुंशी, बीटगार्ड, पोषक अधिकारी, पंच, सरपंच एवं जनप्रतिनिधि की सहभागिता से किया जाना है। यदि क्रेता शर्त क्रमांक 17-प्(ब) अनुसार लॉट के समस्त फड़ों के वन क्षेत्रों में साख कर्तन तथा तेंदूपता संग्रहण कार्याे से वनों को आग एवं तेंदूपत्ता के वृक्षों को अवैध कटाई से हानि नहीं पहुंचे उक्त अवधि में वृक्षों की अवैध कटाई अथवा तेंदू के वृक्षों की शाखाओं की कटाई और वनों को अग्नि लगाना पूर्णतः वर्जित होंगे। उन्होंने बताया कि क्रेता न केवल उपरोक्त हानि से रोकेगा वरन वन विभाग को इस हानि की सूचना तथा उसके रोकने में सक्रिय और सामयिक सहयोग देगा।

लॉट के समस्त फड़ों के वन क्षेत्रों में 15 फरवरी से 16 अप्रैल 2019 की अवधि के दौरान वनों में पाई गई तेंदू वृक्षों की अवैध कटाई अग्नि से हुई हानि की पूर्ण जवाबदारी क्रेता की होगी। यदि क्रेता शर्त क्रमाक 17-प्(ब) के अनुसार लॉट के किसी फड़ के वन क्षेत्र को 15 फरवरी 2019 से 16 अप्रैल 2019 की अवधि में तेंदू वृक्षों की अवैध कटाई या आग से नहीं बचाता है तो हानि की राशि जिसका की निर्धारण मुख्य वन संरक्षक के द्वारा किया जाएगा, जो कि अंतिम एवं क्रेता पर बंधनकारी होगा। शाखकर्तन की प्रोत्साहन राशि 75 प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समितियों के खाते में हस्तांतरण कर दिया गया है जिसका भुगतान प्राथमिक लघु वनोपज समिति के प्रबंधक एवं पोषक अधिकारी संग्राहक के खाते में हस्तांतरण किया जायेगा। शाखकर्तन कार्य के बाद 10 दिन के भीतर हस्तांतरण किया जायेगा।

जिला यूनियन महासमुंद के उप प्रबंध संचालक एस.एस. नाविक द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के बच्चों हेतु लागू जनकल्याणकारी योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी दी गई, जिसमें प्रतिभाशाली छात्र छात्राओं 10वीं एवं 12वीं में प्राप्त 75 प्रतिशत अंक से अधिक अंक पर उत्तीर्ण होने पर क्रमशः 15 हजार एवं 25 हजार की शिक्षावृृत्ति प्रदान की जाती है। इसके साथ ही मेघावी-गैर व्यवसायिक एवं व्यवसायिक छात्रवृत्ति योजनाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इन योजनाओं का लाभ तेंदूपत्ता संग्राहक परिवार के मुख्या द्वारा गत 3 वर्षो में से किसी 2 वर्ष में कम से कम 500 गडडी तेंदूपत्ता का संग्रहण किया जाना अनिवार्य है।

शाख कर्तन प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रशिक्षण के दौरान जिला यूनियन महासमुंद के संचालक मंडल के सदस्य रामजी धु्रव उपाध्यक्ष, बसंत सिन्हा, सेतकुमार कानूनगो, अमरनाथ नाग, भागीरथी मारकण्डे, रविशंकर कश्यप, धनेश्वर चौहान, मनोहर सिंह, जय सिंग, कस्तूरीबाई धु्रव एवं राधिका सिदार संचालक सदस्य उपस्थित थे। अतुल श्रीवास्तव, आर.एस. मिश्रा, मयंक पाण्डेय उप वनमंडलाधिकारी महासमुंद, पिथौरा, सरायपाली, मनोज चंद्राकर, जयकांत गण्डेचा, यू.आर. बसंत परिक्षेत्र अधिकारी बागबाहरा, महासमुंद, पिथौरा, बसना एवं सरायपाली, समस्त पोषक अधिकारी जिला यूनियन महासमुंद, वनरक्षक, समस्त प्रबंधक, अध्यक्ष एवं समिति के संचालकगण तथा जनप्रतिनिधि एवं संग्राहक प्रशिक्षण प्राप्त किया। उक्त प्रशिक्षण में लगभग 1200 प्रशिक्षणार्थी भी उपस्थित थे.

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