डायबिटीज की परेशानी आपको डाल सकती है मुसीबत में, कैसे जानें

टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित बुजर्गों में 5 वर्षों में ही याददाश्त कमजोर होने लगती है और उन्हें बोलने में भी दिक्कत होती है

आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल ने कई लोगों को डायबिटीज का शिकार बना दिया है. डायबिटीज एक बहुत ही घातक बीमारी है, जो व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत के मुंह में ले जाती है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायबिटीज की बीमारी आपके दिमाग को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती है. जी हां, मध्य वर्ग की उम्र में डायबिटीज से पीड़ित लोगों का दिमाग सिकुड़ने लगता है. साथ ही उनकी याददाश्त भी कमजोर होने लगती है. इस बात की जानकारी एक हालिया स्टडी में सामने आई है.

वैज्ञानिकों ने पाया कि टाइप-2 डायबिटीज से पीड़ित बुजर्गों में 5 वर्षों में ही याददाश्त कमजोर होने लगती है और उन्हें बोलने में भी दिक्कत होती है.

शोधकर्ताओं ने पाया कि स्टडी के शुरुआती समय में जिन लोगों की उम्र 68 के आस-पास थी, उन लोगों का दिमाग डायबिटीज के कारण बहुत पहले से ही डैमेज होना शुरू हो चुका था.

शोधकर्ताओं ने बताया कि दुनियाभर के अधिकतर लोग डायबिटीज से पीड़ित हैं. मौजूदा समय में ब्रिटेन की 3.7 मिलियन आबादी डायबिटीज की समस्या से जूझ रही है.

शोधकर्ताओं का कहना है कि डायबिटीज होने का एक अहम कारण मोटापा भी है. अनहेल्दी लाइफस्टाइल और डाइट के कारण 90 फीसदी लोग टाइप-2 डायबिटीज का शिकार हो चुके हैं.

डायबिटीज अपने आप में ही एक बहुत बड़ी बीमारी है. इससे किडनी, दिल, आंखें और नर्वस सिस्टम पर बुरा असर पड़ता है.

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