लावारिस लाशों को मुफ्त में कफन देती है ये बुजुर्ग महिला कृष्णा देवी यादव

हर्षवर्धन :

बिलासपुर :

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक ऐसी बुजुर्ग महिला कृष्णा देवी यादव है जो लावारिस लाशों को मुफ्त में कफन देती है 20 सालों से लावारिस लाशों को कफन देना सबसे बड़ी पूजा मानती हैं उनका कहना है कि एक तरफ अपने ही अपनों को कफन देने नहीं आते, ऐसे में वह लावारिस लाशों को 20 साल से कफन देने का काम कर रही हैं .

कृष्णा देवी मानवता का अनोखा संदेश समाज तक पहुंचा रही हैं 82 साल की कृष्णादेवी पिछले 20 साल से लावारिस शवों को अपने घर के सामने रखवाकर उन्हें सम्मान के साथ विदाई देती हैं साथ ही कफन का कपड़ा व क्रियाकर्म के लिए पैसे भी देती हैं.

बता दें कि बिना किसी के सहयोग से वे घर में बने मंदिर से होने वाली आय का उपयोग इस नेक काम में करती हैं कृष्णा देवी जाति बंधन से दूर सभी के लिए कफन देती हैं उनका कहना है कि इससे मन को सुकून मिलता है और यह हमारा सामाजिक दायित्व भी बनता हैए सभी का सम्मान होना चाहिए चाहे वे दुनिया को अलविदा ही क्यों न कह चुके हों।

वहीं पड़ोस के लोग और सिम्स के गार्ड ने बताया कि सिम्स से पहले यहां धर्म अस्पताल था जिससे यहां हमेशा कोई न कोई लावारिस शव बूढ़ी माता के दरवाजे के सामने से जाते दिखाई देती थी एक बार एक ऐसी ही लाश को देखकर कृष्णा देवी ने उसकी सम्मान के साथ अंतिम विदाई देने का बीड़ा उठाया.

जिसके बाद ये सिलसिला अब तक जारी है कृष्णादेवी अस्पताल कर्मचारियों को पैसे देती हैं ताकि वे मुक्तिधाम में भी परंपराओं का निर्वहन करते हुए उनका कफन.दफन करें और अब सिम्स बनने के बाद भी यह सिलसिला लगातार जारी है।

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