गाँव गाँव शुरु हुयी काँग्रेस की पंचायत,प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में रणनीति को धार दे रहे काँग्रेसी –

प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में रणनीति को धार दे रहे काँग्रेसी -

ब्यूरो चीफ:- विपुल मिश्रा

अरसे बाद प्रदेश में राजनैतिक धरातल तलाश रही काँग्रेस पार्टी पंचायत चुनावों को अवसर के रुप में देख रही है, और उत्तर प्रदेश प्रभारी महासचिव प्रियंका गाँधी के मंशानुरुप पूरे प्रदेश में गा़ँव गाँव पंचायत चुनाव में सहभागिता सुनिश्चित कर रही है,प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू लगातार पंचायत चुनाव के उम्मीदवारों के पक्ष में जनता से संपर्क कर रहे हैं,वास्तव में पंचायत चुनाव ही गाँव में और बूथ पर सच्चे कार्यकर्ता की पहचान कराते हैं,अरसे से काँग्रेस पार्टी ने इन चुनावों को महज औपचारिकता समझकर ही पूरा किया था, जबकि एक जमाना था जब ग्राम प्रधान से लेकर जिला पंचायत तक पार्टी पूरे दमखम के साथ चुनावों में उतरती थी,

प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में रणनीति को धार दे रहे काँग्रेसी –

वास्तविकता तो यह है कि प्रियंका गाँधी के यू पी प्रभारी बनते ही काँग्रेस में संजीवनी का संचार हुआ है, प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेन्द्र चौधरी कहते हैं- प्रियँका गाँधी जी की मंशा है कि हर घर काँग्रेस पहु़ँचे,और इसके लिये पंचायत चुनाव सबसे बेहतर विकल्प है””, एक जो मूल भूत अंतर आया है पार्टी में वह यह है कि अब कोई आन्दोलन शुरु होता है तो वह सफलता पूर्वक संचालित होता है,

पहले यह अधर में रह जाता था, इसका बहुत बड़ा श्रेय प्रियँका जी की सधी और आक्रामक टीम को जाता है,बकायदा हर जिले में पंचायत चुनाव के प्रभारी बनाये गये हैं, जो प्रत्याशी चयन से लेकर उनके चुनाव प्रंबधन तक में उनकी मदद कर रहे हैं,प्रचार सामग्री भी पार्टी मुहैया करा रही है, पहली बार प्रदेश से बाकायदा प्रत्याशियों की सूची जारी कि गयी है,

संगठन सृजन अभियान का अहम रोल-पंचायत चुनावों में यह मजबूती वास्तव में संगठन के दम पर ही संभव है, प्रियँका जी ने सबसे पहले संगठन निर्माण को मिशन के रुप में लिया, परिणाम स्वरुप आज प्रदेश के हर न्याय पंचायत में काँग्रेस की कमेटी है,और यह कहना अतिशयोक्ति नही कि काँग्रेस आज अपने पैरों पर खड़ी होकर चलना प्रारंभ ही नही कर दिया बल्कि दौड़ में शामिल है, यह आने वाले विधानसभा चुनावों के लिये सुखद संदेश है

प्रदेश महासचिव विवेकानन्द पाठक की मानें तो-पंचायती राज कानून काँग्रेस की देन है,यह पूर्व प्रधानमंत्री स्व राजीव जी का सपना था, ग्राम स्वराज्य काँग्रेस की ही मूल परिकल्पना है, और प्रियँका गाँधीजी इसे वास्तविक साँचे में ढालने के लिये प्रतिबद्ध हैं

विधानसभा चुनावों के लिये अहम,-

विधानसभा चुनावों में भी पंचायती चुनावों का बहुत असर होगा, राजनैतिक विश्लेषक मानते हैं कि अबकी बार काँग्रेस जब चुनावों में उतरेगी तो उसके पास हर बार की तरह नेता, माइक, मंच ही नही रहेंगे ,इस बार हर बूथ पर पार्टी का मजबूत संगठन भी दिखायी देगा, जो अब तक लगभग नदारद या नाम मात्र का दिखता था,

विधानपरिषद में पार्टी के नेता दीपक सिंह कहते हैं” प्रियँका गाँधीजी के नेतृत्व में काँग्रेस कार्यकर्ताओं के मजबूत संगठन के बल पर हम सरकार बनाने जा रहे हैं”

एक बात तो तय हैं कि जिस प्रकार जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर काँग्रेस आक्रामक लड़ाई लड़ रही है, उससे विरोधियों के हौंसले निश्चित रुप से पस्त दिख रहे हैं

प्रदेश सचिव अनीस खान आशान्वित है कि दीदी मुख्यमंत्री होंगी

कुल मिलाकर अगर कहा जाय कि काँग्रेस ने अपना आधार खड़ा कर लिया है और अब प्रदेश में हर गाँव में दिखने लगी है तो अतिशयोक्ति नही होगी

मेरे ख्याल से काँग्रेस का नया नारा होगा
“संगठन की नींव पर सरकार का निर्माण

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