मोदी और शी के बीच भाषा की ‘दीवार’ को भारत की महिला आईएफएस अफसर ने चुटकियों में हल कर दिया

चेन्‍नै. भारत के महाबलीपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग ने दो दिनों तक दोनों देशों के बीच संबंधों के बारे में अनौपचारिक बातचीत की.इस पूरे दौरे के दौरान हिंदी भाषा बोलने में सहज महसूस करने वाले पीएम मोदी ने मंदारिन बोलने वाले चीनी राष्‍ट्रपति से कई बार अकेले में बातचीत की.पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति शी के बीच भाषा की इस ‘दीवार’ को भारत की एक महिला आईएफएस अफसर ने चुटकियों में हल कर दिया.यह महिला आईएफएस अफसर हैं प्रियंका सोहानी.

आईएफएस प्रियंका सोहानी दो दिनों तक पीएम मोदी के साथ साए की तरह रहीं.उन्‍होंने पीएम मोदी को राष्‍ट्रपति शी चिनफिंग द्वारा मंदारिन में कही गई बातों को हिंदी में अनुवाद किया.इसी तरह से पीएम मोदी की हिंदी में कही गई बात को राष्‍ट्रपति शी के लिए मंदारिन में अनुवाद किया.राष्‍ट्रपति शी ने कई बार प्रधानमंत्री मोदी से भारतीय संस्‍कृति और प्रतीकों के बारे में जानकारी मांगी.इस दौरान सोहानी ने राष्‍ट्रपति शी को इसे समझने में मदद की.

2012 बैच की आईएफएस अफसर हैं प्रियंका

प्रियंका सोहानी पीएम मोदी और राष्‍ट्रपति शी के बीच अनौपचारिक किंतु बेहद महत्‍वपूर्ण बातचीत के दौरान भी मौजूद रहीं.बता दें कि वर्ष 2012 बैच की आईएफएस अधिकारी प्रियंका विदेश मंत्रालय के बेस्‍ट ट्रेनी ऑफिसर का गोल्‍ड मेडल जीत चुकी हैं.उन्‍हें बेहतरीन प्रदर्शन को देखते हुए तत्‍कालीन विदेश सचिव सुजाता सिंह ने बिमल सान्‍याल पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया था.

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