छत्तीसगढ़

हजारों कर्मचारियों की जंगी प्रदर्शन, बीच सड़क पर सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रगान शुरू

नईम खान :

बिलासपुर . नियमितिकरण छंटनी किए गए कर्मचारियों की बहाली आउट सोर्सिंग तथा ठेका प्रक्रिया बंद करने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हजारों कर्मचारियों ने जंगी प्रदर्शन किया ।

सरकंडा स्थित खेल परिसर से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी कर्मचारी रैली की शक्ल में पैदल मार्च करते हुए महामाया चौक पहुंचे। जैसे ही वे नेहरू चौक की तरफ कूच कर रहे थे तब पुलिस उनका रास्ता रोक लिया। आंदोलनकारियों ने गजब की गांधीगीरी की । बीच सड़क पर सावधान की मुद्रा में खड़े होकर राष्ट्रगान शुरू कर दिया। यह सब देखकर शहरवासी अचरज में पड़ गए ।

छत्तीसगढ़ प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के बैनर तले संभागभर के संविदा व कांट्रेक्ट आधार पर विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारी शुक्रवार को यहां इकठ्ठा हुए। महासंघ के पदाधिकारियों ने नेहरू चौक से आगे सड़क किनारे टेंट लगाकर धरना देने की अनुमति मांगी थी।

कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी द्वारा नेहरू चौक से जिला कोर्ट तक धारा 144 को प्रभावशील करने संबंधी आदेश का हवाला देते हुए बिलासपुर एसडीएम ने अनुमति नहीं दी। नेहरू चौक के आसपास जगह देने के बजाय सरकंडा स्थित खेल परिसर में धरना प्रदर्शन करने की अनुमति दी थी।

आंदोलन का नेतृत्व बिलासपुर के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के हाथ में था। लिहाजा सुबह से ही महासंघ के पदाधिकारी व कर्मचारी खेल परिसर में व्यवस्था बनाने में लगे हुए थे । खेल परिसर में महासंघ के पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित किया।

इस दौरान पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने अपने हक के लिए रायपुर तक लड़ाई लड़ने का संकल्प लिया । दोपहर दो बजे के करीब आंदोलनकारियों ने खेल परिसर से नेहरू चौक के लिए रैली की शक्ल में कूच किया । हाथों में तख्ती लिए नारेबाजी करते कर्मचारी सड़क के एक किनारे पैदल निकले ।

भीड़ का आलम ये कि आंदोलनकारी कर्मचारियों का जब नूतन चौक पर पहुंच गए थे तो अंतिम छोर अशोक नगर चौक के पास था । जैसे ही आंदोलनकारी महामाया चौक से नेहरू चौक जाने के लिए इंदिरा सेतु की ओर आगे बढ़े उसी वक्त बड़ी संख्या में तैनात पुलिस के जवान व अफसरों ने आंदोलनकारी कर्मचारियों को महामाया चौक पर रोक दिया ।

नेहरू चौक व आसपास के क्षेत्र में धारा 144 लागू होने व कानून व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए नेहरू चौक जाने की अनुमति नहीं दी । महामाया चौक पर रोके जाने से कर्मचारियों में नाराजगी भी देखने को मिली।

भीड़ के कारण जाम हुआ ट्रैफिक

महामाया चौक पर आंदोलनकारियों को रोके जाने के कारण कुछ देर के लिए यहां यातायात व्यवस्था भी अस्त.व्यस्त हो गई थी। इसके चलते ट्रैफिक जाम की समस्या भी हुई । चौक पर लगे जाम के कारण पुराने पुल पर यातायात का दबाव अचानक बढ़ गया। महामाया चौक से कलेक्टोरेट की तरफ जाने वाले लोग इंदिरा सेतु की बजाय पुराने पुल की तरफ से जाते दिखाई दिए ।

एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
नियमितिकरण सहित अन्य प्रमुख मुद्दों को लेकर आंदोलनकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वाले थे। कानून व्यवस्था के मद्देनजर महामाया चौक पर रोके जाने के कारण बिलासपुर एसडीएम ने आंदोलनकारियों से ज्ञापन लिया व कलेक्टर के हवाले करने का आश्वासन दिया ।

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