फिर #MeToo को लेकर कंगना हुई भावुक, 16 की उम्र हुआ था यौन शोषण

कंगना रनौत, हैदराबाद में अपनी फिल्म मणिकर्णिका द क्वीन ऑफ झांसी के प्रमोशन के लिए गईं थीं।

मीटू को लेकर एक बार फिर कंगना रनौत भावुक हुई हैं और उन्होंने फिल्म प्रमोशन के दौरान अपनी बात कही है।

#MeToo अभियान पर रानी मुखर्जी की तरफ़ से एक इंटरव्यू में दिया गया जवाब कुछ फिल्मी सितारों को ख़राब लगा और अब ये मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

कंगना रनौत ने इस मामले में अपनी बात रखते हुए कहा है कि महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई की तरह निडर बनाया जाना चाहिए।

कंगना रनौत, हैदराबाद में अपनी फिल्म मणिकर्णिका द क्वीन ऑफ झांसी के प्रमोशन के लिए गईं थीं।

इस दौरान उन्होंने बताया कि जब वो 16 साल की थीं तब यौन शोषण के ख़िलाफ़ पहली बार एफआईआर दर्ज़ करवाई थी। तो जो लोग ख़ुद अपने लिए खड़े होते हैं उन्हें हतोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।

कंगना ने कहा कि महिलाओं को रानी लक्ष्मीबाई की तरह समर्थ और मजबूत बनने की जरूरत है। महिलाओं को निडर बनाना चाहिए।

जो लड़कियां अपना पक्ष मजबूती से रखती हैं उनका साथ दिया जाना चाहिए। बच्चों को भी मजबूत बनाया जाना चाहिए।

बता दें कि कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में रानी मुखर्जी ने कहा था कि मी टू के लिए महिलाओं को अपने अंदर से ही सशक्त होने की जरूरत है।

सेल्फ डिफेंस जरूरी हैं। उन्हें मार्शल आर्ट सीखना चाहिए। अपनी शक्ति पर भरोसा करना चाहिए।

रानी की इस बात को दीपिका पादुकोण और आलिया भट्ट ने गलत बताया और कहा कि हर लड़की शारीरिक रूप से मजबूत नहीं होती।

यौन शोषण की घटनाएं तो घर के अंदर भी होती हैं। उन्हें सुरक्षा समाज से मिलनी चाहिए। पहले समाज को सुधारने की जरुरत है।

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