निर्धारित समय से पहले समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर कई तरह की आशंका

धान खरीदी निर्धारित समय पर शुरू करने की कवायद में छत्तीसगढ़ सरकार

रायपुर: कोरोना काल के बीच छत्तीसगढ़ सरकार धान खरीदी निर्धारित समय पर शुरू करने की कवायद में जुटी हुई है. लेकिन फिर भी समय पर बारदाना उपलब्ध न होने की वजह से इस वर्ष निर्धारित समय से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को लेकर कई तरह की आशंकाएं शुरू हो गई है.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर अधिकारी कोलकाता स्थित बारदाना बनाने वाली कम्पनियों से निरंतर सम्पर्क बनाए हुए हैं और राज्य की आवश्यकता के अनुसार बारदाना की उपलब्धता बनाने में जुटे हैं.

राज्य शासन के अधिकारियों ने इस संबंध में भारत सरकार के जूट कमिश्नर से भी चर्चा कर राज्य में बारदानों की आपूर्ति के लिए प्रयासरत हैं. भारत सरकार के जूट कमिश्नर से इस संबंध में राज्य सरकार ने आवश्यक सहयोग का आग्रह भी किया है, ताकि राज्य में समय पर धान खरीदी शुरू हो सके, राज्य सरकार ख़रीदी का कार्य नवम्बर माह से करना चाहती है किन्तु बारदानो के अभाव में समय पर ख़रीदी मुश्किल लगती है. पिछले वर्ष धान खरीदी 15 फरवरी तक की जानी थी, परंतु फरवरी माह में राज्य में असामयिक वर्षा के चलते धान खरीदी प्रभावित हुई थी.

कोरोना के चलते बारदाना फैक्ट्री बंद

किसानों द्वारा धान न बेच पाने की परेशानी को देखते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विशेष निर्देश पर धान खरीदी की निर्धारित तिथि को और बढ़ा दिया गया था. छत्तीसगढ़ राज्य प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में से एक है. यहां किसानों की आजीविका का प्रमुख साधन धान है.

धान की समर्थन मूल्य पर खरीदी छत्तीसगढ़ सरकार के लिए सर्वाधिक चुनौतिपूर्ण कार्य होता है. इसको लेकर सरकार किसी भी तरह की ढ़िलाई नही बरतना चाहती है. राज्य में धान की बोनी पूरी हुई है और सरकार को इसकी खरीदी की चिंता होने लगी है.

बारदानों की व्यवस्था ने सरकार को चिंता में डाल दिया है. कोरोना के चलते बारदाना बनाने वाली सभी फैक्टरियां बंद हैं. बारदाने निर्मित नहीं हो रहे हैं. कोरोना के प्रकोप को देखते हुए अभी भी फैक्टरियों में बारदाना निर्माण पूरी गति से शुरू हो पाएगा. इसको लेकर आशंका बनी हुई है.

सरकार व्यवस्था बनाने में जुटी

बीते वर्ष राज्य में समर्थन मूल्य पर 83.94 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी हुई थी. राज्य के लगभग 19 लाख किसानों ने धान बेचा था. राज्य सरकार द्वारा राज्य के किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए शुरू की गई राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से मिल रही प्रोत्साहन राशि के चलते राज्य में खेती-किसानी को लेकर किसानों में उत्साह बढ़ा है.

ऐसी स्थिति में किसानों की संख्या एवं धान उत्पादन में भी बढ़ोतरी की संभावना है. निर्धारित समय पर धान की खरीदी राज्य में शुरू हो सके, इसके लिए प्रदेश सरकार अपनी ओर से हर तरह की व्यवस्था बनाने में जुटी हुई है.

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