जवानों के शवों पर गंभीर चोटें नहीं ,घायल होने की वजह से शरीर में छेद होते हैं

भारतीय सेना ने रविवार को उस सभी मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि सीजफायर उल्लंघन में मारे गए चार जवानों के शव पर गंभीर चोटें थीं

जवानों के शवों पर गंभीर चोटें नहीं ,घायल होने की वजह से शरीर में छेद होते हैं

भारतीय सेना ने रविवार को उस सभी मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया, जिसमें कहा गया था कि सीजफायर उल्लंघन में मारे गए चार जवानों के शव पर गंभीर चोटें थीं.

अफवाहों के बीच सेना ने अपने बयान से साफ किया ‘उनके शवों पर गंभीर चोटें नहीं थी. घायल होने की वजह से शरीर में छेद होते हैं और सीमापार से दुश्मों की गोलीबारी के कारण जवान शहीद हुए थे.’

इससे पहले शनिवार को भी जम्मू-कश्मीर सीमा रेखा पर पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया था. इसमें भारतीय सेना के दो जवान सहित एक अधिकारी भी शहीद हो गए थे. शहीद जवान 120 इंफैंट्री ब्रिगेड के थे.

पाकिस्तानी सैनिकों ने राजौरी जिले के केरी सेक्टर में LOC पर गोलीबारी की, जिसमें राउंड पर निकले एक मेजर और तीन सैनिक मारे गए.

पाकिस्तानी सैनिकों ने शनिवार को लगभग 12-15 घंटों तक केरी सेक्टर में ब्रैट गल्ला पर सेना की गश्ती को निशाना बनाया. सेना ने एक बयान में कहा कि भारतीय सैनिकों ने बेहिचक गोलीबारी का जोरदार और प्रभावी ढंग से जवाब दिया.

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