पाक को सबक सिखाने के दुसरे भी रास्ते हैं हमारे पास: रावत

थल सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा कि पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा दूसरे रास्ते भी मौजूद हैं। पाकिस्तान के नापाक इरादों पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि वहां के फौजी जनरलों को लगता है कि वो भारत के साथ कोई आसान सी लड़ाई लड़ रहे हैं जिसमें उनका फायदा हो रहा है। लेकिन वो गलत हैं। पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए फौज और प्रभावी ढंग से निपट सकती है। हम सैनिकों के धड़ को इकठ्ठा करने में यकीन नहीं करते हैं। भारतीय फौज अनुशासित सेना है।

अमेरिका ने जब हिज्बुल सरगना सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया तो सबकी नजर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया पर टिक गई। पाकिस्तान की तरफ से बयान आया लेकिन वो बयान पहले जैसा ही था। पाक ने कहा कि वो कश्मीर की आजादी के लिए लड़ने वाले लड़ाकों को अपना नैतिक समर्थन देता रहेगा। इसका मतलब बिल्कुल साफ है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान ईमानदारी से अपनी भूमिका नहीं निभा रहा है।
पाक की कथनी-करनी में अंतर
अमेरिका द्वारा हिज्बुल सरगना सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित जाने पर बिपिन रावत ने कहा कि ये देखने की जरूरत है कि अब पाकिस्तान किस तरह से कार्रवाई करता है। सच तो ये है कि जिस दिन अमेरिका ने सैयद सलाहुद्दीन को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित किया उसके ठीक बाद पाकिस्तान ने कहा कि कश्मीर की आजादी के लिए संघर्ष चल रहा है। कश्मीर के लड़ाकों को पाकिस्तान नैतिक समर्थन देता रहेगा।
सेना प्रमुख ने कहा कि लश्कर सरगना हाफिज सईद के ऊपर अमेरिका ने करोड़ों का इनाम घोषित कर रखा है। लेकिन पाकिस्तान की सरकार और सेना हाफिज की सुरक्षा में लगी हुई है। ऐसे में आप पाकिस्तान के वादों और दावों पर कैसे यकीन कर सकते हैं। सच ये भी है कि लश्कर के ठिकानों पर पाकिस्तान ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

बिना शांति किससे करें बातचीत

कश्मीर के अलगाववादियों से बातचीत के मुद्दे पर जनरल बिपिन रावत ने कहा कि अगर शांति न हो तो बातचीत कैसे हो सकती है। कश्मीर घाटी में हालात को सामान्य बनाने के लिए सेना अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभा रही है। मैं उस शख्स से बातचीत करुंगा अगर वो भरोसा दे कि सेना के काफिले को निशाना नहीं बनाया जाएगा। जिस दिन ऐसा होगा वो खुद बातचीत के लिए आगे आएंगे।

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