छत्तीसगढ़

भ्रष्टाचार की काफी लंबी जड़े हैं उद्यान विभाग में, जरा ध्यान दीजिए श्रीमान जी

किसानों के खेत का आलू खा गए उद्यान विभाग के अफसर…?

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़
रायगढ़। उद्यान विभाग रायगढ़ के अफसरों की ओर से किसानों का आलू खा लिए जाने का मामला सामने आया है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना अंतर्गत सन 2019-20 में रायगढ़ उद्यान विभाग से रायगढ़ विकासखंड के किसानों को खेत में लगाने के लिए आलू का बीज प्रदान किया गया था लेकिन आलू का बीज अधिकारियों ने अपने रिकॉर्ड में लिख रखा है उससे काफी कम मात्रा में किसानों को दिया गया है इस बात की तस्दीक स्वयं किसानों ने की है। इसी तरह रायगढ़ विकासखण्ड के ग्रामों में किसानों को गेंदा, काजू, पपीता, ड्रेगन फ्रूट, भिण्डी बीज, मिच बीच में भी अनियमितता की बात किसानों द्वारा बताई जा रही है।

दिसंबर में बांटा गया बीज जो नहीं आ सका किसानों के काम..

किसानों ने बताया कि उन्हें आलू का बीज उद्यान विभाग के अधिकारियों की ओर से दिसंबर माह में दिया गया था जब उन्होंने इसे खेत पर लगाया तो वह ठीक से हो ना सका। आलू का बीज यदि उन्हें 2 महीने पहले दिया गया होता तो वह अच्छी पैदावार ले सकते थे।

उद्यान विभाग द्वारा किसानों के नाम पर किये गये भ्रष्टाचार को clipper 28 द्वारा पूर्व में भी उजागर किया गया है। जिले के अन्य विकासखण्डों के ग्राम पंचायतों के किसानों के नाम पर बीज और पौधों को कम वितरण कर किये गये भ्रष्टाचार को अगले अंकों में प्रकाशित करेंगे।

घोटाले पर डालिए एक नजर ..

इस गांव में हमने 11 किसानों से बात की जो इस योजना अंतर्गत लाभान्वित हुए हैं। हेमलाल, राधेलाल , ताराचंद, परमेश्वर, नरेंद्र पटेल, उसतराम, दीनदयाल, विक्की पटेल, दीनदयाल, विजय कुमार, भीखम प्रसाद, पद्मन पटेल प्रत्येक को 0.125 हेक्टेयर याने 30.89 डिसमिल खेत में आलू की फसल लगाने के लिए 87 .54 किलो आलू बीज दिया जाना था। विभागीय अधिकारियों ने किसानों को एक कट्टे में करीब 40 किलो आलू देकर अपने रिकॉर्ड में 87. 54 किलो आलू बीज देना लिख लिया।

सभी किसानों की बात करें तो विकासखंड में कुल 5. 500 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए दिया जाना बताया गया है इस हिसाब से 38.5 क्विंटल आलू बीज दिया जाना था। लेकिन प्रति किसान 40 किलो का वितरण कर उन किसानों को महज 17.6 क्विंटल आलू बीज ही प्रदान किया गया ।

उद्यान विभाग के अधिकारियों ने 20 क्विंटल से ज्यादा आलू किसानों के हक का स्वयं खा लिया और सरकार को झूठी रिपोर्ट भेज दी कि उन्होंने किसानों का भला कर दिया है। इतना ही नहीं बल्कि भेज तो दिया गया लेकिन यह बीज किस प्रकार लगाया जाएगा और किसानों ने खेत में इसे लगाया भी है या नहीं इस बात की जानकारी लेने विभाग के अफसर मौके पर नहीं पहुंचे और ना ही किसानों को खाद दिया गया और न ही किसी अन्य प्रकार का सहयोग ही किया गया। ऐसी स्थिति अन्य ग्रामों भी देखने को मिल रहा है।

भ्रष्टाचार की काफी लंबी जड़े हैं उद्यान विभाग में 

उद्यान विभाग में भ्रष्टाचार की काफी लंबी जड़ें अंदर तक धंसी हुई है। इससे जुड़े किसानों को मिलने वाली योजनाओं में प्रावधानित सामग्री से कम वितरण कर किसानों का शोषण कर रही हैं। यदि हम बात केवल राष्ट्रीय बागवानी मिशन योजना की करें तो इस योजना में ही रायगढ़ विकासखंड के ग्राम डोंगीतराई में विभाग के अधिकारियों ने बड़े-बड़े घोटाले कर दिए हैं। आलू क्षेत्र विस्तार के लिए इस योजना अंतर्गत प्रति हेक्टेयर 7 क्विंटल आलू किसानों को बांटा जाना था लेकिन इससे काफी कम मात्रा में किसानों को दिया गया।

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