कोरोना के मामलों में आरही है गिरावट, कोविड प्रोटोकॉल्स का पालन जरूरी: स्वास्थ्य मंत्रालय

इन दोनों के अलावा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भी सबसे ज्यादा केस सामने आ रहे हैं।

नई दिल्ली: देश में कोरोना की दूसरी लहर धीरे धीरे कम हो रही है। कोरोना वायरस के मामलों में देश भर में लगातार गिरावट जारी है, लेकिन इसी बीच कुछ परेशान करने वाली भी खबर आ रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी भी कुछ राज्यों में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। मंगलवार को देशभर में कोरोना महामारी की वर्तमान स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि देश में संक्रमण के मामलों में लगातार कमी तो आ रही है, लेकिन केरल और महाराष्ट्र में देश के 50% से ज्यादा नए केस रजिस्टर्ड हो रहे हैं।

रिकवरी रेट बढ़कर 97.3% तक पहुंची

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि देश में इस वक्त 4.31 लाख एक्टिव केस (Active Case) हैं और साथ ही रिकवरी रेट 97.3 फीसदी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया गया है कि इस समय देश के 73 जिले ऐसे हैं जहां हर दिन 100 से ज्यादा नए केस मिल रहे हैं, जबकि 2 जून को ऐसे जिलों की संख्या 262 थी और उससे पहले 4 मई को 531 जिले ऐसे थे। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने बताया कि देश में कोरोना के सक्रिय मामलें कम होकर 4,31,315 हो गए हैं, जो कुल मामलों का सिर्फ 1.40 प्रतिशत है। इसके साथ मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.28% है।

50% से अधिक मामलें सिर्फ 2 राज्यों मे आरहे हैं

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि देश में कोरोना के नए मामलों में गिरावट आ रही है, लेकिन कुछ राज्य जैसे केरल-महाराष्ट्र समेत अन्य 5 राज्यों में अभी भी सबसे ज्यादा नए केस सामने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस समय 50% से ज्यादा नए केस सिर्फ केरल और महाराष्ट्र में मिल रहे हैं जो चिंताजनक है। इन दोनों के अलावा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भी सबसे ज्यादा केस सामने आ रहे हैं। इसके साथ ही मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल में भी नए केस में बढ़ोतरी हो रही है।

कोरोना की अगली लहर के लिए तैयार हैं हम

स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता लव अग्रवाल ने कहा कि 20 हजार आईसीयू बेड बच्चों के लिए एवं हर जिले में बच्चों के लिए सेंटर के साथ 1,050 ऑक्सीजन टैंक, 8,800 एम्बुलेंस तैयार हैं। उन्होंने आगे कहा- ई-संजीवनी को देश के सभी जिलों तक लेकर जाना है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि हम कोरोना के तीसरी लहर को मौसम की खबर या मानसून की तरह ले रहें है और इसके लिए समय से पहले तैयार हैं। कोरोना की तीसरी लहर प्रकृति नहीं बल्कि हमारी प्रवत्ति पर निर्भर करती है‍। बता दें कि आज प्रधानमंत्री मोदी ने कई राज्यों के मुख्यमंत्री से कोरोना पर विस्तृत चर्चा की और समाज में कोरोना एप्रोप्रियेट बेहेवियर को लेकर समाज में जागरूकता लाने की बात कही।

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