हद है लापरवाही की! मृतक मरीज को फेंक दिया लावारिस समझकर, परिजनों को बताते रहे स्वस्थ

किसी तरह से मामला खुला तो परिजनों को बुलाकर शव की शिनाख्त की गई।

महासमुंदः जिला अस्पताल के जीएनएम कोविड केयर सेंटर की गंभीर लापरवाही का मामला उजागर हुआ है, जहां स्टाफ के लोग परिजनों की पूछताछ पर 19 अप्रैल तक मरीज का हाल चाल स्वस्थ बताते रहे। लेकिन मरीज की मौत 12 अप्रैल को हो चुकी थी। पुलिस ने शव लावारिस हालत में बेलसोंडा के पास बरामद किया था। किसी तरह से मामला खुला तो परिजनों को बुलाकर शव की शिनाख्त की गई।

जानकारी के मुताबिक सरायपाली ब्लॉक के गांव कोदोगुड़ा के निवासी 68 साल के चमरू सिदार की तबीयत बिगड़ने पर 108 की मदद से जीएनएम कोविड सेंटर लाया गया था। मरीज को 10 अप्रैल को भर्ती कराया गया था, जिसके बाद से परिजनों को इसका हालचाल अच्छा बताया जाता रहा था। लेकिन 21 अप्रैल की शाम सरायपाली थानेदार का फोन परिवार को आया। परिजन जब कोतवाली पहुंचे तो पुलिस ने 12 अप्रैल को बेलसोंडा मारूति शोरूम के पास मिले अज्ञात शव की तस्वीर दिखाई, जिसे देखकर बेटे ने उनके पिता होने की पुष्टि की।

इधर, जानकारी मिली कि 3 दिन जिला अस्पताल के शव गृह में शव को रखने के बाद 15 अप्रैल को चमरू के लावारिस शव का मुक्तिधाम सेवा समिति ने कफन दफन किया था। इस पूरे मामले से कोविड अस्पताल की अव्यवस्था उजागर हो गई है। मामला सामने आने के बाद अब सीएमएचओ डॉ एनके मंडपे का कहना है कि मामले में प्रभारी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button