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बंगाल के दक्षिणी जिलों में आज से भारी बारिश होने की आशंका

कम दबाव वाला क्षेत्र बनने के कारण इस क्षेत्र में भारी बारिश की आशंका

नई दिल्ली: दक्षिण बंगाल में आज से भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है. मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में कम दबाव वाला क्षेत्र बनने के कारण इस क्षेत्र में भारी बारिश की आशंका है. बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में पहले से बने कम दबाव वाले क्षेत्र के कारण राज्य के दक्षिणी जिलों में पिछले एक सप्ताह से मध्यम से भारी बारिश हो रही है.

मौसम विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा कि दक्षिण 24 परगना, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, झारग्राम, पुरुलिया और बांकुरा जिलों में भारी वर्षा होने की आशंका है, जिसकी तीव्रता मंगलवार से बढ़ेगी. राजधानी कोलकाता के साथ-साथ पास के हावड़ा और हुगली के कुछ स्थानों पर भी मंगलवार को भारी बारिश होने का अनुमान है.

जनता से रिश्ता वेबडेस्क | नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश, दक्षिणी राजस्थान और गुजरात में कई जगहों पर हल्की से मध्यम जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है. कोंकण गोवा, तटीय कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दक्षिणी-आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत और बिहार में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं.

उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य भागों, उत्तराखंड के कुछ हिस्सों और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर मॉनसून वर्षा जारी रहने की संभावना है. केरल, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों और जम्मू कश्मीर में हल्की बारिश हो सकती है.

बिहार में शनिवार से किसी नये इलाके में बाढ़ का प्रकोप सामने नहीं आया लेकिन राज्य में इस आपदा से हालात गंभीर हैं. राष्ट्रीय राजधानी में रविवार का दिन सुहावना रहा और कुछ इलाकों में बादल छाये रहने के साथ बारिश भी हुई. शहर में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने यह जानकारी दी.

नदियां खतरे के निशान से ऊपर

हरियाणा और पंजाब में भी अधिकतम तापमान सामान्य के करीब रहा, वहीं उत्तर प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गयी. मौसम विभाग ने अगले दो दिन में तीनों राज्यों में बारिश और गरज के साथ छींटे पड़ने का पूर्वानुमान जताया है. उत्तर प्रदेश में तीन नदियां पहले ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जहां 16 जिलों के 1,000 से अधिक गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. हालांकि एक अधिकारी ने कहा कि राज्य में नदियों के सभी तटबंध सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है.

सामान्य जनजीवन प्रभावित

गुजरात में रविवार को मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में पानी भर गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. अधिकारियों ने बताया कि राज्य में 14 बांधों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, वहीं बारिश के कारण अधिक जल प्रवाह के बाद 17 बांधों के लिए चेतावनी जारी की गयी है.

मेहसाणा, पाटन, सूरत, गिर सोमनाथ, साबरकांठा, अहमदाबाद, गांधीनगर, अरावली और सुरेंद्रनगर जिलों के हिस्सों में रविवार सुबह से बहुत भारी बारिश हो रही है. अधिकारियों के मुताबिक कई जिलों में निचले इलाके जलमग्न हो गये हैं.

मौसम विभाग ने उत्तर, दक्षिण और पूर्वी-मध्य गुजरात व सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के कई जिलों में मंगलवार सुबह तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया है. राहत आयुक्त हर्षद पटेल ने कहा, ”राज्य में भारी बारिश की वजह से 44 नदियां और 41 झीलें उफान पर हैं. सरदार सरोवर बांध 60.83 प्रतिशत तक भरा है, वहीं 68 बांध ऊपर तक भर गये हैं.”

आपदा प्रबंधन विभाग ने कहा कि बिहार में 16 जिलों में 83.62 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, वहीं पिछले 24 घंटे में किसी नये इलाके में बाढ़ का प्रकोप नहीं पहुंचा. शनिवार को भी विभाग ने बाढ़ प्रभावितों का यही आंकड़ा बताया था और कहा था कि 83,62,451 लोग इस आपदा का दंश झेलने को मजबूर हुए हैं, वहीं 27 लोगों की मौत हो चुकी है.

जल संसाधन विभाग के अनुसार पटना के गांधी घाट और हाथीदह व भागलपुर जिले के कहलगांव में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. बक्सर, दीघा, गांधी घाट, हाथीदह और कहलगांव में गंगा का जलस्तर बढ़ता जा रहा है. राज्य में बागमती, बूढ़ी गंडक, घाघरा और खिरोई समेत अन्य प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

पिछले 24 घंटे में भारी बारिश दर्ज

मध्य प्रदेश में कुछ दिन के बाद रविवार को बारिश में कमी आई. कम दबाव का क्षेत्र यहां से राजस्थान की ओर बढ़ने के कारण अब उस राज्य में वर्षा हो रही है. हालांकि मौसम विभाग के एक अधिकारी के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक और कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है जिसकी वजह से राज्य में इस महीने के आखिर तक बारिश फिर हो सकती है. ऐसा 27 से 29 अगस्त के बीच होने का अनुमान है.

मध्य प्रदेश में भारी बारिश के बाद राजस्थान के बारन और झालावाड़ जिलों में पार्वती व कालीसिंध नदियों में जलस्तर बढ़ गया है. राजस्थान में पिछले 24 घंटे में भारी बारिश दर्ज की गयी है. भारी बारिश के कारण दोनों राज्यों के बीच सड़क संपर्क टूट गया है.

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