पेट्रोल-डीजल पर सहमति नहीं, जीवन रक्षक दवाएं सस्ती, GST काउंसिल के फैसले

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने यह भी ऐलान किया कि कोरोना के इलाज से जुड़ी जिन दवाओं पर जीसएटी दर 30 सितंबर तक के लिए घटाई गई थी, उसे बढ़ाकर अब 31 दिसंबर कर दिया गया है. जीएसटी दर में यह कटौती सिर्फ रेमिडेसिवियर जैसी दवाओं के लिए है. इसमें मेडिकल उपकरण शामिल नहीं हैं.

नई दिल्ली: वस्तु एवं सेवा कर (GST) काउंसिल की शुक्रवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में कई फैसले किए गए हैं. कई जीवन रक्षक दवाओं को जीएसटी फ्री कर दिया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी ऐलान किया कि कोरोना के इलाज से जुड़ी जिन दवाओं पर जीसएटी दर 30 सितंबर तक के लिए घटाई गई थी, उसे बढ़ाकर अब 31 दिसंबर कर दिया गया है. जीएसटी दर में यह कटौती सिर्फ रेमडेसिविर जैसी दवाओं के लिए है. इसमें मेडिकल उपकरण शामिल नहीं हैं.

इससे पहले कोरोना से संबंधित दवाओं पर जीएसटी दरों में छूट दी गई थी जो 30 सितंबर तक लागू थी, अब इस छूट को 31 दिसंबर 2021 तक बढ़ाया गया है. जीएसटी दरों में ये छूट सिर्फ दवाइयों में दी जाएगी, पहले जो लिस्ट जारी की गई थी उसमें कई तरह के दूसरे उपकरण भी शामिल थे.

क्या बोलीं वित्त मंत्री

निर्मला सीतारमण ने कहा- हमने जनता के हितों वाले फैसले लिए हैं. ये सभी लंबे समय से अटके पड़े थे. आवश्यक दवा को लेकर प्रक्रिया बहुत लंबी थी, जिसको अब टैक्स के दायरे से बाहर कर दिया गया है. zolgensma और viltepso नाम की बहुत महंगी दवाओं को टैक्स के दायरे से बाहर रखने का फैसला आज हुआ है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जिन दवाओं को टैक्स के दायरे के बाहर रखने का सुझाव आया था, उन्हें भी छूट दी गई है.

कोरोना से संबंधित दवाओं में छूट की सीमा को 3 महीने बढ़ाते हुए 31 दिसंबर तक कर दिया है. इसमें एम्फोटेरेसिन, रेमडिसिविर समेत 4 दवाओं को फायदा मिलेगा. 7 अन्य दवाओं को 12 प्रतिशत से 7 प्रतिशत की छूट की सीमा को भी 31 दिसम्बर तक बढ़ाया गया है. कैंसर की दवा 12 प्रतिशत के दायरे से हटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है. दिव्यांगों के लिए बनी गाड़ियों को अब सिर्फ 5 प्रतिशत कर देना होगा. बायो डीजल में घटोत्तरी करते हुए 12 से 5 प्रतिशत पर लाया गया है.

पेट्रोल-डीजल के दाम पर हुई बातचीत

वित्त मंत्री ने कहा- पेट्रोल डीजल पर सिर्फ ये हुआ कि कोर्ट के सुझाव पर हमने इस बात को बैठक में रखा. हमने सबसे पूछा कि क्या पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए. इस पर ज्यादातर सदस्यों ने कहा नहीं. हम ये बात कोर्ट को जाकर बताएंगे.

स्विगी जोमैटो के लिए बदला तरीका

उन्होंने कहा- स्विगी-ज़ोमैटो जैसे खाना पहुंचाने वाली सेवाओं के लिए अब ऑर्डर्स के हिसाब से कर वसूली होगी. पुराने टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बस तरीका बदलकर टैक्स लिया जाएगा. अब रेस्टोरेंट्स से टैक्स लेने की जगह जो सेवा प्रदाता है, वो टैक्स देने का काम करेगा.

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