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बाजार में मांग नहीं, लेकिन फिर भी बढ़ रही है देश में महंगाई दर, जानकारों ने उठाए सवाल

मीट और अंडो जैसे उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी और इसका सीधा सा असर पड़ा है खुदरा महंगाई दर पर.

नई दिल्लीः देश में खुदरा महंगाई दर बढ़ रही है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि हमारे और आपके घर का बजट एक बार फिर बिगड़ रहा है, क्योंकि खुदरा महंगाई दर का मतलब साफ है कि उन चीजों के दाम बढ़ रहे हैं जिनका हम रोजमर्रा में इस्तेमाल करते हैं. सामने आ रहे आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई दर बढ़ने की बड़ी वजह है सब्जियों, मीट और अंडो जैसे उत्पादों के दामों में बढ़ोतरी और इसका सीधा सा असर पड़ा है खुदरा महंगाई दर पर.

सब्जियों की कीमतों में 20-25 फीसदी का इजाफा

आलू, प्याज, टमाटर समेत लगभग सभी सब्जियों की कीमतें काफी बढ़ी हुई हैं. हालत यह है कि यह कीमत पिछले कुछ हफ्तों के दौरान करीबन 20 से 25 फ़ीसदी तक बढ़ गई है. इसी का असर है कि देश की खुदरा महंगाई दर में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है. जहां देश की खुदरा महंगाई दर 7.3 फीसदी पर बनी हुई है वहीं खाद्य महंगाई दर 10 फ़ीसदी के पार है और इसमें से भी सब्जियों की महंगाई दर 20 फ़ीसदी के पार पहुंच गई है.

इस महंगाई दर को बढ़ाने में सबसे ज्यादा बड़ी भूमिका अदा कर रही है सब्जियों की कीमत. देश की राजधानी दिल्ली में आलू 40 रुपए प्रति किलो मिल रहा है, जो कि कुछ दिनों पहले तक 20 से 30 रुपए प्रति किलो था. वहीं प्याज़ 50 रुपए प्रति किलो बिक रहा है, जो 2-3 हफ्ते पहले तक 30 से 40 रु. प्रति किलो बिक रहा था. वहीं टमाटर भी 40 से 50 रुपए किलो बिक रहा है, जो 20 दिन पहले 30-40 रुपए किलो में उपलब्ध था.

चिकन-मटन के दाम भी बढ़े

इसी तरह से चिकन के दामों में भी पिछले कुछ दिनों में काफी बढ़ोतरी हो गई है. अब से 10 से 15 दिनों पहले तक जो चिकन करीबन 150 रु. प्रति किलो तक बिकता था, अब 200 रुपए प्रति किलो तक बिकने लगा है. दुकानदारों की मानें तो इस बढ़ोतरी की दो वजह हैं. पहली कि पीछे से जो माल आ रहा है वह कम है और दूसरी कि पिछले कुछ महीनों की तुलना में इस महीने मांग थोड़ी सी बढ़ गई है. हालांकि ये मांग लॉकडाउन से पहले की तुलना में अभी भी 20 से 30 फीसदी ही है.

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