रायपुर में नए पुलिस कप्तान के आने का कोई असर नहीं, चाकू की जगह अब पिस्तौल से वारदात को अंजाम दे रहे बदमाश

रायपुर. राजधानी रायपुर में नए कप्तान के आने का कोई असर नहीं देखने को मिल रहा है, उल्टा बदमाश बेखौफ होकर चाकू की जगह अब पिस्तौल का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दे रहे है. एसपी प्रशांत अग्रवाल ने चार्ज सम्हालते ही राजधानी को अपराध मुक्त बनाने की बात कही थी, परंतु दिन-ब-दिन रायपुर अपराध का गढ़ बनते जा रहा है। एसपी साहब के आने के बाद लूट की घटनाओं को धारदार चाकू से नहीं बल्कि कट्टे व पिस्तौल से अंजाम दिया जा रहा है। वही दिन दहाड़े गैस एजेंसी के सुपरवाइजर से लूट, मनचले बदमाशों द्वारा वीआईपी पॉश इलाके पर युवती से छेड़छाड़ सहित कई ऐसी घटनाएं सामने आई है जिसमें राजधानी के बदमाशों के मन में पुलिस का तिनका भर भी डर नहीं होना साबित कर दिया है।

जब से राजधानी में नए एसपी साहब पहुँचे है, तब से केवल 100 से अधिक सट्टेबाज़ों पर कार्रवाई कर जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रशांत अग्रवाल के आते ही थोक के भाव में सभी थाना प्रभारियों ने अपने-अपने इलाके में जुआं-सट्टा संचालित करने वालों को गिरफ़्तार कर प्रतिबंधात्मक धारा जोड़ सलाखों के पीछे भेज दिया। कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि एक ही दिन में 114 व्यक्तियों को रायपुर पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया। ऐसा प्रतीत होता है कि थाना प्रभारियो के पास पहले से ही उनके थाना क्षेत्र में संचालित हो रहे अवैध कारोबार की सूची थी, पर वो बस नए एसपी साहब के आदेश का इंतज़ार कर मुखदर्शक बनकर बैठे थे।


पुलिस देर रात बेरिगेड लगा शराबियों पर तो कार्रवाई कर रही, पर शराब पिलाने वालों पर क्यों नही???

राजधानी पुलिस देर रात सैटरडे पार्टी नाईट मनाकर लौट रहे शराबी वाहन चालकों पर तो कार्रवाई कर रही है पर उनपर नहीं कर रही जो देर रात शराब परोस रहे है, कई चर्चित नामी कैफ़े और ढाबा संचालक नियमों को बेखौफ तोड़ पूरी रात दारू पार्टी करवा रहे है जिसका खामियाज़ा अंत में शराबी वाहन चालकों को अपनी गाड़ी जप्त करवा अगले दिन न्यायालय में 10 हज़ार रुपए बतौर फाइन पटाकर भुगतना पड़ रहा है। क्या ढाबा व कैफ़े संचालक पुलिस प्रशासन को ठेंगा दिखा रहे है या पुलिस गांधी जी का बंदर बनके सब कुछ देखते हुए भी आंखे बंद कर बैठी है????

रात्रि गश्त में तैनात पुलिसकर्मी थाने में मस्त!

लगातार हो रही वारदातों पर बड़ा सवाल नाईट पेट्रोलिंग पर उठता है, राजधानीवासियों का दावा है कि रात्रि गश्त ना के बराबर होती है, इसी का फायदा चोर उठा लेते है और आसानी से दीवाल पर सेंधमारी कर बड़े आराम से दुकान लूटकर ले जाते है, जिसका हाल ही में उदाहरण डूमरतराई में देखने को मिला। नाईट पेट्रोलिंग में तैनात जवान केवल थानों में बैठकर गपशप मारते नज़र आ रहे है. बहरहाल अब देखना यह होगा कि क्या नए कप्तान बेखौफ मनचले पिस्तौल धारी बदमाशों पर शिकंजा कस पाएंगे या फिर दिन-ब-दिन राजधानी की स्थिति बत से बत्तर होती जाएगी???….

जानिए बढ़ते अपराध को लेकर क्या बोले कप्तान

चाकूबाजी की घटना को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। पिछले 10-12 दिनों में 25 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। रात में भी लगातार अभियान चलाकर संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। अपराध को रोकने के लिए गश्त पाइंट को भी बढ़ाया गया है। इसके साथ सभी थाना प्रभारियों को संदिग्धों पर नजर रखने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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