पेंशन निकालने की उम्र की सीमा में हो सकता है बदलाव, पढ़े पूरी खबर

नवंबर में होने वाली बैठक में पेश किया जाएगा ये प्रस्ताव

नई दिल्ली: पेंशन निकालने की उम्र की सीमा में बदलाव हो सकता है। मौजूदा वक्त में 10 साल नौकरी पूरी होने के बाद आप पेंशन पाने के हकदार हो जाते है। इसके बाद 58 साल की उम्र होने पर आपको पेंशन मिलने लगती है। हालांकि अब इस उम्र सीमा को बढ़ाकर 60 साल किया जा सकता है।

ईपीएफओ ने ईपीएफ और एमपी फंड एक्ट 1952 के बदलाव वाले प्रस्ताव में कहा है, ‘सुपरएनुएशन की उम्र 58 साल है, इसे 60 साल करने की जरूरत है। दुनिया भर में अधिकांश पेंशन फंड 65 साल के बाद पेंशन दे रहे हैं।

ये प्रस्ताव नवंबर में होने वाली बैठक में पेश किया जाएगा। इसमें एक अधिकारी के हवाले से बताया गया कि बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद प्रस्ताव कैबिनेट की स्वीकृति के लिए लेबर मिनिस्ट्री को भेजा जाएगा।

पेंशन की उम्र 60 साल बढ़ाने से पेंशन फंड में डेफिसिट 30 हजार करोड़ तक कम हो जाएगा। सदस्यों के लिए पेंशन का लाभ भी बढ़ जाएगा, क्योंकि इस दौरान सर्विस के दो साल बढ़ जाएंगे। नौकरीपेशा लोगों की सैलरी से कटने वाली रकम दो खातों में जाती है।

पहला प्रोविडेंट फंड यानी ईपीएफ और दूसरा पेंशन फंड यानी ईपीएस होता है। कंपनी की तरफ से 3.67 फीसदी ईपीएफ में और बाकी 8.33 फीसदी हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना ईपीएस में जमा होता है।

ईपीएफ के लिए सैलरी की सीमा अभी 15 हजार रु प्रति माह है। ईपीएस में अधिकतम योगदान 1250 रु प्रतिमाह होता है। भारतीय मजदूर संघ के महासचिव वृजेश उपाध्याय ने कहा, ‘हम पहले से ही इस प्रस्ताव के समर्थन में हैं। वास्तव में, ये बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था क्योंकि इससे पेंशनधारकों को लाभ मिलेगा।’

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