पहली बार मां बनने के बाद महिलाओं की जिंदगी में आते हैं ये बदलाव

पहली बार मां बनने के बाद महिलाओं के जीवम में कई बदलाव आते हैं।

महिलाओं की पर्सनैलिटी, नजरिया और रूटीन सब कुछ बदल जाता है। सारी दुनिया उसके लाडले के इर्द-गिर्द ही सिमट जाती है। आप कहेंगे कि बच्चे की परवरिश एवं देखभाल तो माता-पिता दोनों मिलकर करते हैं परंतु अपनी हर जरूरत को त्याग कर बच्चों की जरूरतों को महत्व तो केवल एक मां ही दे सकती है। उसे जन्म देने की प्रक्रिया से लेकर उसके लिए अपनी भूख, प्यास और नींद तो मां ही भूल सकती है इसीलिए तो कहते हैं कि मां बनना आसान काम नहीं है। मां बनने के बाद एक औरत अपने जीवन में बहुत से परिवर्तन महसूस करती है।

1. बढ़ जाते हैं काम

बच्चे के आने से पहले तो आप घर का काम निपटा कर आराम से टीवी देख लेती थीं या आराम कर लेती परंतु बच्चे के आने के बाद तो काम जैसे खत्म होने का नाम ही नहीं लेते। बच्चे को नहलाना, खाना खिलान, रोते हुए को शांत करना ताथ उसे कई खेल खिलाना कितने ही एेसे काम रूटीन में जुड़ जाते हैं, जो आपकी व्यस्तता खत्म ही नहीं होने देते।

2. जिम्मेदारी और थकावट

एेसे पल भी कई बार आते हैं कि नई जिम्मेदारी और नाजुक से बच्चे की देखभाल की थकावट से वह स्वयं को पूरी तरह हारा हुआ महसूस करती है। यहां कर कि वह स्वयं को बेबस और लाचार महसूस करने लगती है।

3. गलतियां भी हो जाती हैं

पहली बार मां बनने के बाद बच्चे की देखभाल में कई गलतियां भी हो जाती हैं परंतु एेसा तो सबके साथ होता है। इसमें खुद को कमतर ना आंके, हर दिन कुछ नया सीखने का प्रयास ही आपको परफैक्ट मदर बनाएगा।

4. एकांत नहीं मिलता

बच्चे के जन्म के बाद मां को स्वयं यही महसूस होता है कि उसके बच्चे को अधिक देखभाल की आवश्यकता है जिससे वह ना तो अपनी देखभाल के लिए वक्त निकाल पाती है और ना ही अपने पति के साथ वक्त बिता पाती है।

5. स्तनपान की चुनौती

स्तनपान कराना कोई आसान काम नहीं है। प्रारंभ में यह बहुत दर्दनाक एवं अजीब लगता है तथा सहीं ढंग से बच्चे को दूध पिलाना काफी चुनौती भरा काम हो जाता है।

6. शारीरिक परिवर्तन

बच्चे के जन्म के बाद एक नारी को वजन बढ़ने, पेट लटकना एंव स्ट्रैच मार्क्स आदि अनेक शारीरिक परिवर्तनों से भी गुजरना पड़ता है तथा अपनी खोई हुई पर्सनैलिटी पाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

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