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करियर में सफलता के लिए वामन जंयती पर करें ये उपाय

श्रीमद्भभागवत के अनुसार इसी तिथि को श्रवण नक्षत्र के अभिजित मुहूर्त में हुआ था विष्णु का वामनवतार

आज 21को भाद्रपद शुक्ल द्वादशी पर वामन जयंती पर्व मनाया जाएगा। श्रीमद्भभागवत के अनुसार इसी तिथि को श्रवण नक्षत्र के अभिजित मुहूर्त में विष्णु का वामनवतार हुआ था।

दैत्यराज बलि द्वारा देवों को हार के बाद ऋषि कश्यप के कहने पर देवी अदिति पुत्र प्राप्ति के लिए अनुष्ठान करती हैं। विष्णु अदिति के गर्भ से प्रकट होकर बटुक विप्र रूप धारण करते हैं।

महर्षि पुलह वामन को यज्ञोपवीत, अगस्त्य मृगचर्म, मरीचि पलाश दण्ड, आंगिरस वस्त्र, सूर्य छत्र, भृगु खड़ाऊं, कुबेर भिक्षा पात्र, गुरु कमण्डल, अदिति कोपीन व सरस्वती रुद्राक्ष माला भेंट करते हैं।

वामन बलि के पास जाकर भिक्षा में तीन पग भूमि मांगते हैं। बलि शुक्राचार्य के मना करने पर भी वचन निभाते हुए भूदान कर देते हैं।

वामन एक पग में स्वर्ग व दूसरे में पृथ्वी नाप लेते हैं। तीसरे पग के लिए राजा बलि अपना सिर भगवान के आगे कर देते हैं।

वामन बलि को पाताल में साथ रहने का वचन देकर उनका द्वारपाल बनते हैं।

वामन जयंती के विशेष पूजन, व्रत, उपाय से फॅमिली डिस्प्यूट्स मिटते हैं, प्रोफेशन में तरक्की मिलती है व आपके घर की सिक्योरिटी होती है।

स्पेशल पूजन विधि: पूजा घर में पूर्वमुखी होकर गुलाबी कपड़े पर पीतल के लोटे में जल, दूध, इत्र, सिक्के, सुपारी व कमलगट्टे डालकर वामनवतार का कलश स्थापित करें।

वामन कलश के पास ही वामन का चित्र रखकर विधिवत दशोपचार पूजन करें।

मिट्टी के दिए में गौघृत का दीप करें, चंदन से धूप करें, सफ़ेद चंदन चढ़ाएं, केले का फलाहार चढ़ाएं, मिश्री व तुलसी पत्र का भोग लगाएं तथा चंदन की माला से इस विशेष मंत्र का 1 माला जाप करें।

स्पेशल पूजन मुहूर्त: दिन 11:48 से दिन 12:48 तक।

स्पेशल पूजन मंत्र: ॐ तप रूपाय विद्महे श्रृष्टिकर्ताय धीमहि तन्नो वामन प्रचोदयात्॥

स्पेशल टोटके:

फैमिली डिस्प्यूट्स मिटाने के लिए: वामन कलश पर कांसे के दीपक में गौघृत का बारह मुखी दीप करें।

प्रोफेशन में तरक्की के लिए: वामन कलश पर इत्र लगे 12 सिक्के चढ़ाकर पीले कपड़े में बांधकर रखें।

घर की सिक्योरिटी के लिए: वामन कलश पर पीतल का ताला चढ़ाकर अपने मेन गेट पर लगाएं।

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