वास्तुशास्त्र से जुड़े अपनाएं ये उपाय,मिलेगी सुकुन भरी नींद

0-वैवाहिक जीवन में परेशानियां व बीमारियां भी इसकी वजह से हो सकती हैं।

अगर नींद अच्छी आती है, तो अगले दिन की शुरुआत अच्छी होती है। हर काम में मन लगा रहता है। जो लोग गहरी नींद में सोते हैं, उठने के बाद उनकी ऊर्जा उतनी ही अधिक होती है।

दरअसल, जब कोई व्यक्ति गहरी नींद में होता है, तो वह ध्यान के गामा लेवल पर पहुंच जाता है।

इस दौरान व्यक्ति को कॉस्मिक एनर्जी अधिक मिलती है। वहीं, जिन लोगों की नींद पूरी नहीं होती है या रात को बार-बार नींद टूटती है, उन्हें अगले दिन ऊर्जा में कमी लगती है।

नींद का आपके बिस्तर से गहरा संबंध होता है। वास्तु में इससे जुड़े कुछ टिप्स बताए गए हैं, जिनको अपनाकर आप अच्छी गहरी नींद और ऊर्जा हासिल कर सकते हैं। जानते हैं इसके बारे में…

बेड को यदि गलत दिशा में रखा जाए, तो यह घर में वास्तुदोष भी उत्पन्न कर सकता है। साथ ही इस पर सोने वाले व्यक्ति को ठीक से नींद भी नहीं आती है, जिससे मानसिक तनाव होता है।

वैवाहिक जीवन में परेशानियां व बीमारियां भी इसकी वजह से हो सकती हैं।

बेड का सिरहाना पूर्व या दक्षिण की ओर होना चाहिए। जबकि गेस्ट रूम में बेड का सिरहाना पश्चिम की ओर हो सकता है। अगर बेड लकड़ी का है तो और भी अच्छा है।

धातु का बेड नकारात्मक ताकतें पैदा करता है। प्यार बढ़ाने के लिए एक कपल को सिंगल मेटरेस पर सोना चाहिए और दो अलग-अलग मेटरेस को आपस में जोड़ना नहीं चाहिए।

अपने बेडरूम में सुगंधित मोमबत्तियां, डिफ्यूजर्स या परफ्यूम रखें। आप चमेली या लैवेंडर की खुशबू का इस्तेमाल कर सकते हैं। अच्छी खुशबू आपका मूड झट से ठीक कर सकती है।

अपने बेडरूम में गोल या अंडाकार शेप का बेड न रखें। बेड में हमेशा सिर टिकाने की जगह होनी चाहिए। सोते वक्त कभी अपने पीछे खिड़की खोलकर न सोएं। बिस्तर के ऊपर की छत गोल नहीं होनी चाहिए।

कमरे के दरवाजे के ठीक सामने पलंग नहीं रखना चाहिए। यदि दरवाजे के सामने पलंग लगा है, तो इससे वास्तुदोष उत्पन्न होते हैं। इससे आर्थिक समस्या, मानसिक तनाव, बीमारी आदि समस्या बनी रहती हैं। यदि पलंग का स्थान बदल पाना संभव न हो, तो दरवाजे पर पर्दा डालकर रखें।

Tags
Back to top button