सुपरहीरो से कम नहीं कुशीनगर के ये जनाब

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले नीरज राय जो अपनी दिव्यांगता को इन्होंने कभी कमज़ोरी नहीं बनने दिया

अगर इंसान में जज्बा हो तो वो मुश्किल से मुश्किल काम को आसानी से कर सकता हैं। और उस हौसले से वो इंसान अपनी तकदीर लिख डाल देते हैं।

ऐसा ही कुछ कर दिखाया है, उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के रहने वाले नीरज राय जो अपनी दिव्यांगता को इन्होंने कभी कमज़ोरी नहीं बनने दिया। और वो सबके लिए किसी सुपर हीरो से कम नहीं, जिन्होंने हिम्मत के दम पर अपनी इस कमजोरी को अपनी ताकत बना लिया है।

“.दोनों हाथों के न होने पर भी नीरज जा बैठे ट्रैक्टर की सीट पर और संभाल ली स्टेयरिंग. ये देखिए इनका अजब गज़ब टैलेंट. नीरज ने ट्रैक्टर स्टार्ट किया और चल दिए सरपट.

बेमिसाल जज्बे के मालिक नीरज जी अपर जिलाधिकारी कार्यालय में कार्यरत हैं और वहां वो अन्य कर्मचारियों की तरह अपना काम पूरा करते हैं. उन्हें इस तरह से काम करते देखकर लोग चौंकते हैं लेकिन नीरज अपना काम दिल लगाकर करते हैं.

दिव्यांगता को अपना अधूरापन मानकर जहां तमाम लोग अपनी किस्मत को कोसते हैं और खुद को हालात पर छोड़ देते हैं. वहीं नीरज जैसे असाधारण इंसान भी हैं,

जिन्होंने अपनी प्रतिभा से खुद को इस तरह से संवारा है कि लोग उन्हें देखकर प्रेरणा लेते हैं. हाथों की कमी को लेकर नीरज ने कभी भी घर-परिवार में या किसी अन्य से कोई शिकायत नहीं की और न ही कभी झेंप महसूस की. जब खुद से अपने सारे काम करने की लगन लगी तो नीरज ने पैरों से हाथों का काम लेना सीख लिया.

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