घर-ऑफिस में कभी ना रखें ये चीजें, उठाना पड़ सकता है भारी नुकसान

कई लोग वास्तु शास्त्र में विश्वास नहीं रखते हैं लेकिन आप चाहे मानें या नहीं मानें, यह प्राचीन विज्ञान हमारे घर की सुख-शांति और समृद्धि के लिए काफी अहम है. पुराने समय में लोग वास्तुशास्त्र के हिसाब से ही अपना घर बनवाते थे. यहां तक कि कई वैज्ञानिक भी हमारी लाइफ में अच्छी और बुरी ऊर्जा के संबंध में वास्तुशास्त्र की ताकत को मानते हैं. अगर आप भी अपने घर की सुख-शांति चाहते हैं तो आज ही वास्तुशास्त्र के कुछ नियमों का पालन कीजिए. अगर आपका घर वास्तुशास्त्र के हिसाब से नहीं बना है तो कम से कम आप घर में रखी गई चीजों के संबंध में वास्तुशास्त्र के नियमों का पालन कर सकते हैं. कुछ चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं जबकि कुछ चीजें घर में भाग्य को संवारती है.

डूबती हुई नाव : डूबती हुई नाव का कोई चित्र हो तो उसे घर में नहीं लगाना चाहिए. यह पतन का प्रतीक है इसलिए घर के सदस्यों के रिश्तों के बीच दूरियां बढ़ने लगती हैं. ऐसी तस्वीर हो तो इसे घर से बाहर फेंक दें.

जंगली जानवरों की मूर्तियां या पेंटिग्स : सुअर, सांप, बाज, उल्लू, चमगादड़, गिद्ध, कबूतर, कौआ जैसे जानवरों और पक्षियों की तस्वीरें और पेंटिग्स घर में नहीं लगानी चाहिए. घर के बेडरूम में सिंगल बर्ड वाली तस्वीरें बिल्कुल नहीं लगाएं. किसी भी जंगली जानवर की तस्वीर भी घर में नहीं होनी चाहिए. इससे घर के लोगों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ती है.

नकारात्मक तस्वीरें : ऐसी पेंटिग्स या तस्वीरें जो नकारात्मकता या उदासीनता दर्शाती हो जैसे दुख, उदासी उन्हें घर में नहीं लगाना चाहिए.

जंगली जानवरों की मूर्तियां या पेंटिग्स : सुअर, सांप, बाज, उल्लू, चमगादड़, गिद्ध, कबूतर, कौआ जैसे जानवरों और पक्षियों की तस्वीरें और पेंटिग्स घर में नहीं लगानी चाहिए. घर के बेडरूम में सिंगल बर्ड वाली तस्वीरें बिल्कुल नहीं लगाएं. किसी भी जंगली जानवर की तस्वीर भी घर में नहीं होनी चाहिए. इससे घर के लोगों में हिंसक प्रवृत्ति बढ़ती है.

ऐसा माना जाता है कि इमली और मेंहदी के पेड़ में बुरी आत्माओं का निवास होता है. ऐसे पौधों के आस-पास घर नहीं होना चाहिए. घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है.

साथ ही घर में कभी भी सूखा हुआ पौधा नहीं रखें. यहां तक कि सूखे हुए फूल भी घर में नहीं रखने चाहिए. बबूल का पेड़ भी अशुभ माना जाता है. कंटीले पेड़ों को घर में नहीं होना चाहिए.

टूटी हुई मूर्तियां, फर्नीचर या शीशा : टूटे हुए ग्लास, फर्नीचर, टूटा शीशा या भगवान की फटी हुई तस्वीरें घर में हो तो इन चीजों को बिना देर किए हटा देना चाहिए.

नटराज : नटराज नृत्य का ही रूप है. हालांकि इसके साथ ही यह विनाश का भी प्रतीक है. इसे तांडव नृत्य भी कहा जाता है. इसलिए नटराज का शोपीस या तस्वीर घर में नहीं रखनी चाहिए.

कैक्टस या कंटीले पौधे : अपने घर में कैक्टस का पौधा नहीं रखना चाहिए. इसी तरह के अन्य पौधे भी घर में नहीं होने चाहिए.

ताजमहल : शोपीस या तस्वीर के तौर पर ताजमहल घर में नहीं रखना चाहिए. यह एक कब्रगाह है और मृत्यु का प्रतीक है. लोग भले ही इसे प्यार का प्रतीक मानते हों लेकिन असल में यह मुगल बादशाह शाहजहां की पत्नी मुमताज की कब्र है. इसलिए यह मौत और दुख की निशानी भी है. ऐसा माना जाता है कि ऐसी चीजें हमारी लाइफ पर बहुत नकारात्मक प्रभाव छोड़ती हैं.

युद्ध की तस्वीरें : घर में भूलकर भी किसी युद्ध की तस्वीरें नहीं रखें. वास्तुशास्त्र प्राचीन महाकाव्य महाभारत और रामायण के युद्ध चित्रों को रखने की अनुमति नहीं देता है. ऐसी तस्वीरों से घर के सदस्यों के बीच मतभेद उत्पन्न होते हैं और घर में कलह होती है.

फव्वारा भले ही देखने में खूबसूरत लगता हो लेकिन वास्तु के हिसाब से घर के भीतर फाउंटेन नहीं होना चाहिए.

सूखे हुए फूल या नकली फूल नकारात्मकता लाते हैं.

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