प्रेग्नेंसी के इन दिनों न आए नींद तो काम आएंगे ये टिप्स

जहां प्रैग्नेंसी का पल उत्तेजना और आनंद से भरा होता है, वहीं इस दौरान कई भावनात्मक और हार्मोनल परिवर्तन का सामना करना पड़ता है।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि प्रैग्नेंसी के दौरान आने वाले ये परिर्वतन प्रैग्नेंट महिला की नींद को प्रभावित करते है।

प्रैग्नेंसी के दौरान नींद न आने के कई कारण हो सकते है, जिनका प्रैग्नेंट महिला को तीनों तिमाही में सामना करना पड़ता है।

आइए जानते है प्रैग्नेंसी के दौरान नींद न आने के कारण। साथ ही जानते है कि अच्छी नींद के लिए क्या करना चाहिए।

पहली तिमाही

1. यूरिन की मात्रा बढ़ने के कारण लगातार जागते रहना

2. शारीरिक और इमोशनल स्ट्रैस के कारण घबराहट

3. दिन की नींद में वृद्धि

दूसरी तिमाही

गर्भावस्था में बढ़ते पेट और भावनात्मक तनाव के कारण इस तिमाही में अनिंद्रा की समस्या रह सकती है।

तीसरी तिमाही

1. बढ़ते पेट के कारण असुविधा होना।

2. हार्टबर्न, पैर की ऐंठन, साइनस में जमाव, तेज धड़कन और सांस की तकलीफ।

3. मूत्राशय पर बच्चे का दवाब पड़ने के कारण रात को लगातार यूरिन आना।

4. बेड पर लेटने पर कठिनाई होती है।

गर्भावस्था के दौरान अच्छी नींद में मदद करते है ये टिप्स

1. कमरे का तापमान

इस बात को सुनिश्चित करें कि आपके कमरे का तापमान आपकी नींद के लिए आरामदायक है या नहीं।

हर रोज एक ही समय पर बिस्तर पर जाइए। सुनिश्चित कीजिए कि आपके बेडरूम में हवा की बढि़या आवाजाही है और उसका तापमान सही है क्योंकि ज्यादा गर्म या ठंडा कमरा आपको बेचैन बना सकता है।

2. शरीर को पोषण

गर्म दूध, कार्बोहाइड्रेट, सैंडविच जैसे समृद्ध खाना नींद को बढ़ावा देता हैं। प्रोटीन के रूप में स्नैक, मूंगफली का मक्खन, अंडे आदि लंबे समय तक रक्त शर्करा का स्तर बनाएं रखते है और बुरे सपने और सिरदर्द को रोकने का काम करते है।

शाम के समय बहुत ज्यादा चाय, कॉफी , फ़िज़ी पेय, कैफीन युक्त चीजों का सेवन करने से बचें। इससे रात को यूरिन बार-बार आता है।

3. सोने की स्थिति

प्रैग्नेंसी के दौरान सीधे सोएं। सोते समय तकिए को अपने घटनों के बीच रखें। एक तरफ से अपने घुटनों को मोड़ कर सोएं।

फिर दूसरे तकिए को अपने पेट के नीचे रखें। दोनों पैरों को खीचकर न सोएं क्योंकि इससे मांसपेशियों में तनाव हो सकता है।

4. व्यायाम से दर्द कम करें

अपने घुनटों को मोड़कर हल्का सा व्यायाम करें। इसी के साथ कैल्शियम और विटामिन ई को अपनी डाइट में शामिल रखें। इससे भी दर्द दूर रहेगा।

5. दिल की धड़कन बेहतर बनाएं

दिल की धड़कन या सांस की तकलीफ एनीमिया की कमी के कारण हो सकती है। ऐसे में आयरन युक्त खुराक का सेवन करें।

6. सुखदायक तरीके

गर्म पानी से नहाने,स्टेचिंग, मसाज, गहरी सांस, शांत गाने सुनने भी काफी रिलैक्स फिल होता है। सोने से पहले ज्यादा मात्रा में व्यायाम करने से बचें।

7. सकारात्मक विचार

जब आप बिस्तर पर होती है तो अपने मांसपेशियों को आराम(relaxation) देने की स्थिति में रखें। इसके लावा अपनी बिस्तर पर बैठकर अच्छा सोचें।

सोने से पहले सकारात्मक विचार अच्छी नींद में मदद करते है।

8. कुछ दवाइयों के सेवन से बचें

गर्भावस्था के दौरान बिना पर्ची की दवाइयां पूरी तरह से टाल देनी चाहिए क्योंकि तरह की दवाइयां आपकी नींद में रूकावट बन सकती है। अपने डॉक्टर की सलाह लेकर ही दवाइयों का

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