हड़ताली नर्सों की ये आवाज- नेता वोट मांगे तो ठीक ,हमने हक मांगा तो इसमें गलत क्या ?

नर्सेस आंदोलन से पिछने हटने के मूड में नहीं

रायपुर :प्रदेशभर की हड़ताली नर्स अपनी लंबित मांगों को लेकर अडिग हैं.स्वास्थ्य विभाग की कड़ाई के बाद भी आंदोलन से पीछे हटने के मूड में नहीं हैं .

इधर स्वास्थ्य विभाग की ओर से तिल्दा में पदस्थ परिचालिका संघ की रायपुर जिला अध्यक्ष के निवास में नोटिस चस्पा कर काम में लौटने की हिदायत दी गई है ,ऐसे में स्टाफ नर्सों में आक्रोष व्याप्त है .

वहीँ मुख्यमंत्री के बयान हड़ताली नर्सों के चुनावी वर्ष में आंदोलन करने के बयान पर अंबेडकर अस्पताल नर्सेस संघ की अध्यक्ष नीलिमा शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी जब नेता वोट मांगने हमारे पास आते हैं तो हम भी अपने हक़ के लिए आंदोलन कर सकते हैं .हक के लिए आवाज उठाना कहां गलत है ?

उन्होंने कहा कि वे पिछले लम्बे समय से अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रही हैं ,लेकिन बार -बार के आंदोलन के बावजूद भी नर्सों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है .ऐसे में अगर नर्से आंदोलन न करें तो आखिर क्या करें?नर्सों के द्वारा कल रैली भी निकाली जाएगी,हालांकि अभी प्रशासनिक अनुमति के लिए नर्सों को इन्तेजार है .

बता दें कि प्रदेशभर की 3000 स्टाफ नर्स अपनी लंबित मांगों को लेकर 18 अप्रैल से हड़ताल पर डटी हुई हैं.उनकी हड़ताल के चलते अस्पतालों में कार्य प्रभावित हो रहे हैं .

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