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नवापारा नगर में भ्रष्टाचार के तीसरे मामले का खुलासा

दीपक वर्मा अभनपुर

अभनपुर: नवापारा नगर के युवा नेता सिद्धार्थ बंगानी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि नवापारा नगर में हो रहे नगरपालिका द्वारा भ्र्ष्टाचार की शिकायत जिलाधीश, प्रधानमंत्री कार्यालय, मुख्यमंत्री निवास एवं नगरीय निकाय मंत्री को नगर पालिका परिषद गोबरा नवापारा में हो रहे भ्रष्टाचार पर धारावाहिक तरीके से तीसरे भ्रष्टाचार के सबूत एवं आवेदन सौंपे।

सिद्धार्थ बंगानी ने यह दावा किया कि गौरव पथ द्वितीय चरण में जमकर भ्रष्टाचार तो हुआ ही है साथ ही साथ नियमों का ऐसा उपहास उड़ाया गया है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। सिद्धार्थ ने अपने आवेदन में यह अवगत कराया कि गौरव पथ द्वितीय चरण का कार्य पहले रंगलानी कंस्ट्रक्शन को मिला था परंतु कार्य के बीच में उनकी मृत्यु हो गई जिससे गौरव पथ द्वितीय चरण का कार्य थम गया था।

करीब-करीब 8 माह बाद नगर पालिका द्वारा रिस्क एंड कॉस्ट पद्धति से उस कार्य का पुनः टेंडर जारी किया गया और यह कार्य रायपुर के निर्माण एजेन्सी ओम कंस्ट्रक्शन को मिला। नियमानुसार ओम कंस्ट्रक्शन को अपने नाम से एक 50 रुपये का स्टाम्प खरीद नगर पालिका के साथ अनुबंध करना था परंतु सिद्धार्थ का यह आरोप है कि भ्रामक स्थिति पैदा कर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने सिद्धार्थ को फोन कर उनके कार्य हेतु बताकर 50 रुपये का एक स्टाम्प नगर पालिका में मंगवा लिया और उसी दिन शाम को सिद्धार्थ बंगानी से उस स्टाम्प में धोखेवश गवाह में दस्तखत करवा लिए।

जब कुछ दिनों बाद स्टाम्प के बारे में मुख्य नगर पालिका अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह स्टाम्प गलती से कहीं खो गया है अपितु सच्चाई यह है कि उसी स्टाम्प पर ओम कंस्ट्रक्शन के साथ नगर पालिका ने अपना अनुबंध जारी किया जो कि ओम कंस्ट्रक्शन के नाम पर है ही नहीं और इसी फर्जी अनुबंध को आधार बनाकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने निर्माण एजेन्सी के साथ अनुबंध कर लिया।

जबकि श्री बंगानी ने यह भी आरोप लगाया है कि जो हस्ताक्षर ओम कंस्ट्रक्शन के प्रोपायटर द्वारा करवाए गए हैं वह भी फर्जी है। आवेदन में सबसे गंभीर आरोप यह है कि 13 माह पूर्व रंगलानी कंस्ट्रक्शन ने जो पेवर ब्लॉक लगाए थे उसका टेंडर 10 माह बाद जारी कर साजिश के तहत मुख्य नगर पालिका अधिकारी, तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष एवं उप अभियंता ने अभी दो माह पूर्व निकाल लिये जबकि यह काम ओम कंस्ट्रक्शन द्वारा किया ही नहीं गया है अर्थात् 10 माह पूर्व हुए काम जो कि रंगलानी कंस्ट्रक्शन द्वारा किया गया था,

उनकी मृत्यु हो जाने के कारण उनके परिवार को उसका भुगतान ना कर उस कार्य का पूरा पैसा हड़पने की मकसद से मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष की सांठ गांठ से नया टेंडर और नया काम दिखाकर पूरा पैसा निकाल लिया गया।

इस कार्य के संबंध में उप अभियंता द्वारा जो माप पुस्तिका दर्ज की गई है उसमें उन्होंने अंकित किया है कि उक्‍त पेवर्स ब्लॉक के नीचे लगभग 1200 किलो छड़ एवं एम.15 मजबूती की सी.सी.रोड सड़क का निर्माण किया गया है जिन दोनों की अनुमानित लागत लगभग 6.5 लाख रुपये दर्ज की गई है।

श्री बंगानी ने आरोप लगाया कि यह फर्जी भुगतान किया गया है न ही 1200 किलो छड़ और न ही एम 15 ग्रेड की सड़क उक्‍त कार्य स्थल पर बनाई गई है। साथ ही साथ जो डामरीकरण कार्य किया गया है उसमें भी उपअभियंता द्वारा घोर अनियमितता बरती गई है। 5 से 10 एम.एम.के डामर डालकर एवं माप पुस्तिका में दर्ज माप से अधिक भुगतान भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने की नियत से ठेकेदार को किया गया है ।

अतः सिद्धार्थ ने माननीय जिलाधीश से निवेदन किया है कि जल्द से जल्द एक जांच दल बनाकर इस मामले की जांच प्रतिवेदन के अनुसार जिम्मेदारों पर कार्यवाही करने की कृपा करेंगे।

श्री बंगानी ने यह कहा कि उक्‍त मामले में फर्जी दस्तावेज के आधार पर अनुबंध, शासन के मद में धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार, ओवरबिलिंग, पद का दुरुपयोग एवं गुणवत्ताहीन कार्य का भुगतान करना जैसे गंभीर आरोप मुख्य नगर पालिका अधिकारी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष एवं उप अभियंता पर बनते हैं। गौरव पथ में बनाई गई डामर सड़क हर जगह से स्तरहीन है,

डामर का सबसे बड़ा दुश्मन पानी होता है और एक बरसात में ही लगभग 6 से 7 जगह सड़कों पर ही तालाब बन जाता है। पूरा गौरव पथ समतल है ही नहीं तो देखने पर उप अभियंता के अभियंता होने के अनुभव पर भी सवाल खड़ा होता है।

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