छत्तीसगढ़

परिवार के मुखिया की मौत के बाद कोरोना से आठ दिन में तीसरी मौत

परिवार में अब सिर्फ तीन महिलाएं ही रह गई हैं जिनमें से दो कांकेर कोविड अस्पताल में भर्ती

कांकेर। शहर के अन्नूूपर्णापारा में रवानी परिवार के मुखिया की मौत के साथ इस परिवार में कोरोना से आठ दिन में तीसरी मौत हुई। छह सदस्यों वाले परिवार में अब सिर्फ तीन महिलाएं ही रह गई हैं जिनमें से दो कांकेर कोविड अस्पताल में भर्ती हैं।

बता दें कि प्रदेश कल 1,964 नए कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान की गई थी. और वहीं 1,749 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज किये गए है. बुलेटिन के अनुसार प्रदेश में अब तक कोरोना से 2101 लोगों की कोरोना से जान जा चुकी है.

इन आंकड़ों से एक बात साफ निकल कर आ रही है कि इनडोर पब्लिक प्लेस, घरों में और ऐसे समुदाय जहां स्वयं की सुरक्षा के उपाय जैसे मास्क पहनना, दूसरों से पर्याप्त दूरी रखना, कम से कम 1 मीटर की और हाथ साबुन से धोते रहना ,जैसे उपाय नही किए जा रहे हैं,वहंा संक्रमण अधिक फैल रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के छत्तीसगढ़ के सब रिजनल टीम लीडर डाॅ प्रणित कुमार के. फटाले ने कोरोना संक्रमण के संबंध में कहा कि यह अभी समाप्त नहीं हुआ है और अपने आप समाप्त होगा भी नही , हमें ही अपने तरीके बदलने होंगे तभी इससे निज़ात पा सकेंगे।

उन्होने कहा कि यूरोप में यह फिर से बढ़ने लगा ,अस्पताल भरने लगे और एक हजार प्रतिदिन से अधिक मृत्यु भी दर्ज होने लगी। यूरोप में यह महामारी शुरू होने के बाद से सबसे अधिक केस 7 लाख केस अभी गत सप्ताह सामने आए।

यह सब इसलिए हुआ क्योंकि विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपाय लोगों ने नहीं अपनाए। डाॅ फटाले ने कहा कि संक्रमित मरीजों के छींकने ,खांसने या थूक कीे छोटी बूंदांे से यह बीमारी फैलती है इसलिए कोविड प्रोटोकाल का पूरी तरह पालन करना चाहिए।

यह बीमारी सबको अलग-अलग तरह से प्रभावित करती है, जिन्हे पूर्व से हाइपरटेंशन या अन्य कोई गंभीर बीमारी है उन्हे विशेष ध्यान रखना चाहिए। कुछ लोग बिना अस्पताल जाए भी केवल इलाज से भी ठीक हो जाते हैं। कोरोना के सामान्य लक्षण जैसे बुखार, सूखी खांसी या थकान होने पर तुरंत डाक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

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