छत्तीसगढ़ इस दीवाली वायु प्रदूषण में आई कमी

रायपुर में 22, तो बिलासपुर में 38 प्रतिशत

रायपुर: रायपुर शहर वासियों के लिए दीपावली की रात सुकून भरी रही. पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष दिवाली में पिछले वर्ष की अपेक्षा रायपुर में वायु प्रदूषण में लगभग 22 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. इसी प्रकार ध्वनि प्रदूषण के स्तर में भी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7% की कमी दर्ज की गई.
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने दीपावली के अवसर पर विदेशी पटाखों का बहिष्कार करने तथा पठन पटाखों के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन करने की अपील की थी. प्रदेश के पर्यावरण मंत्री राजेश मूणत द्वारा दीपावली के दिन वायु एवं ध्वनि प्रदूषण में कमी लाने ले जाने के लिए सभी उपाय के निर्देश दिए थे. इसी क्रम में पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव एवं पर्यावरण मंडल के अध्यक्ष अमन सिंह द्वारा रायपुर के प्रदूषण को कम किए जाने पर एक समीक्षा बैठक लेकर रायपुर सहित प्रदेश भर में आम जनता विशेषकर स्कूली बच्चों को शामिल करते हुए नो पटाखा अभियान चलाने के निर्देश दिए थे.
नो फटाका पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं जिला प्रशासन रायपुर द्वारा जगह-जगह जन जन जन जागरूकता अभियान चलाए गए. जिसमें आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित की गई. इसका परिणाम कम वायु प्रदूषण के रूप में सामने आया.
छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के विशेषज्ञों के द्वारा की गई मॉनिटरिंग के अनुसार दिवाली के दिन रायपुर में इस वर्ष औसत परिवेशीय वायु गुणवत्ता पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 22 प्रतिशत कम होकर 82.04 ग्राम प्रति घन मीटर पाई गई. वर्ष 2016 में यह 100 4.6 प्रतिशत थी. इसी प्रकार सल्फर डाई आक्साइड गैस का स्तर लगभग 9:00 प्रतिशत कम होकर 21.3 तथा नाइट्रोजन ऑक्साइड गैस का स्तर लगभग 19% कम होकर 21.03 पाया गया. जबकि वर्ष 2016 में सल्फर डाइऑक्साइड का स्तर 26.4 एवं नाइट्रोजन ऑक्साइड 40.56 पाया गया था. दिवाली के दिन रायपुर में इस वर्ष औसत ध्वनि की तीव्रता पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 7% कम होकर 91.3 डेसीबल पाई गई. वर्ष 2016 में यह 97.2 डेसीबल थी.
मंडल द्वारा जारी रिपोर्ट में पिछले वर्ष की अपेक्षा बिलासपुर में वायु प्रदूषण के स्तर में लगभग 38 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. ध्वनि प्रदूषण के स्तर में भी पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 23% की कमी दर्ज की गई.
अमन सिंह ने इसका श्रेय आम जनता को देते हुए कहा कि जन सहयोग मिलने के कारण ही प्रदूषण के स्तर में कमी आई है. यह उपलब्धि बिना जन-जागरूकता एवं जनता की भागीदारी के संभव नहीं है. श्री सिंह ने भविष्य में भी शहर के स्वच्छ पर्यावरण के लिए आम जनता से इसी प्रकार जागरूक रहते हुए सहयोग की अपेक्षा की है.

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