छत्तीसगढ़

इस ग्राम पंचायत ने सामूहिक बैठक कर आंगनबाड़ी नहीं खोलने का लिया फैसला

अरविन्द शर्मा:

…..कहा, केंद्र खोलना है तो प्रसाशन ले पूरी जिम्मेदारी….
पोड़ी उपरोड़ा:ग्राम पंचायत कटोरी नगोई में सामूहिक बैठक के दौरान आंगनबाड़ी केन्र्द नही खोलने का निर्णय लिया गया है।कोरोना महामारी का डर ग्रामीण छेत्रो में भी इस कदर हावी है कि कहीं आंगनबाड़ी केंद्र खुल गये तो उनके बच्चो को यह बीमारी ना लग जाये।बैठक में पंच,सरपंच,आबा कार्यकर्ता, सहायिका व ग्रामीण मौजूद रहे।सभी की सहमति यही रही कि आंगनबाड़ी केंद्र इस संकटकाल में नही खुलने चाहिए बल्कि पूर्व की भांति सूखा राशन ही हितग्राहियों को दिया जाना चाहिए।बैठक में यह चर्चा भी चली अगर प्रसाशन पूरी जिम्मेदारी ले तो केंद्र खोलने में कोई हर्ज नही है।

पोड़ी उपरोड़ा के अधीनस्थ ग्राम पंचायत कटोरी नंगोई में आज पंच ,सरपंच,आबा कार्यकर्ता, सहायिका,जनप्रतिनिधि व ग्रामीणों की बैठक हुई जिसमें सभी की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि वर्तमान में कोरोना महामारी के फैलने का डर बना हुआ है और इस संकटकाल में आंगनबाड़ी केन्र्द खोलना कतई उचित नही होगा इसलिए बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने पोड़ी उपरोड़ा के परियोजना अधिकारी महोदया को लिखित आवेदन प्रेषित किया है जिसमें यह जिक्र है कि कोरोना के बढ़ते क्रम को देखते हुए आबा केंद्र को पूर्णतः बन्द किया जाए।बैठक के दौरान उपस्थित पालकों ने भी इस पर सहमति जताई है और कहा की पूर्व की भांति सूखा राशन वितरण किया जाए जो बच्चो सहित गर्भवती महिलाओं व पालको को सुरक्षित बनाये रखेगा।

ग्रामीणों ने बताया कि कोरोना इस कदर बढ़ रहा है और हम अपने बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र कैसे भेजेंगे।केंद्र खुल जाने से बच्चों सहित पूरे गाँव में कोरोना फैलने का डर बना रहेगा।बड़े तो शासन के नियमो का पालन नही कर पा रहे ,छोटे बच्चे शासन की गाईड लाइन कैसे समझ पाएंगे।ग्रामीणों ने कहा कि शासन को इस वक्त आंगनबाड़ी खोलने का फैसला नही लेना चाहिए बल्कि आमजन की सुरक्षा के विषय मे कदम उठाने चाहिए।

पोड़ी उपरोड़ा के तहसील परिसर में तहसीलदार व sdm को कोरोना संक्रमित पाया गया है।जिससे पूरा परिसर बन्द किया जा चुका है।बड़े अधिकारियों का संक्रमित हो जाना यह दर्शता है कि जो कि सुरक्षा के नियमो का कड़ाई से पालन कर रहे वे सुरक्षित नही है तो आमनागरिको की क्या बिसात।ग्रामीणों का कहना शासन के आदेशों की अवहेलना करना नही है बल्कि कोरोना का डर आंगनबाड़ी खोलने से मना कर रहा है।देखना होगा कि शासन ग्रामीणों की इस बात पर क्या निष्कर्ष निकालेगा क्या शासन अपनी जिम्मेदारी पर आंगनबाड़ी केन्र्द संचालित कर पायेगा या ग्रामीणों की बात मान आंगनबाड़ी केन्र्द बन्द रखे जाएंगे।

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