ये KFC प्रसिद्ध फूड चेन का नाम नहीं बल्कि ‘कराची फूड सेंटर’, लश्कर के आतंकियों का लॉन्च पैड है

KFC का नाम लेते ही प्रसिद्ध फूड चेन का नाम जेहन में आता है. लेकिन पीओके (पाक अधिकृत कश्मीर) में KFC का मतलब जानकर आप चौंक जाएंगे. इसका मतलब है ‘कराची फूड सेंटर’ और काम है लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को ट्रेनिंग देने के साथ खाने का सामान पहुंचाना. ये एक तरह से आतंकियों के लॉन्च पैड के तौर पर काम कर रहा है.

मुजफ्फराबाद से चलाए जाने वाले ‘कराची फूड सेंटर’ के बारे में लश्कर के आतंकी जबीउल्लाह उर्फ हमजा ने खुलासा किया है. जबीउल्लाह ने नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) की पूछताछ के दौरान ये खुलासा किया. जबीउल्लाह अप्रैल 2018 से NIA की हिरासत में है.

20 वर्षीय जबीउल्लाह ने एजेंसी के अधिकारियों को बताया कि वो मूल रूप से पाकिस्तान में मुल्तान का रहने वाला है. करीब तीन महीने पहले मार्च में लश्कर के पांच और आतंकियों के साथ वो घुसपैठ के जरिए भारत में आया. जबीउल्लाह के मुताबिक उसे ‘कराची फूड सेंटर’ के लश्कर कैम्प में इसी साल जनवरी में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था.

मकधा पर्वतीय क्षेत्र में जबीउल्लाह को बर्फीले इलाकों में भी खुद को बचाए रखने के साथ ही और भी कई तरह की ट्रेनिंग दी गई. ट्रेनिंग में उसके साथ 16 और लड़के भी थे. इन सब का चीफ इंस्ट्रक्टर हुफेजा था.

हुफेजा ने पर्वतारोहण, जीपीएस हैंडलिंग, वायरलेस, Y-SMS, बर्फ पर रूट मार्च समेत तमाम तरह की ट्रेनिंग जबीउल्लाह और उसके ग्रुप को दी. इस साल 2-3 मार्च की आधी रात को जबीउल्लाह समेत छह आतंकियों ने ‘कराची फूड सेंटर’ लश्कर कैंप को एक वाहन में छोड़ा और ताजिया पहुंचे. वहां से इन्हें एलओसी क्रॉस कराने के बाद भारत भेजा गया. इसके लिए उन्होंने पीओके में दुदनियाल और तेजिया चौकियों को पार किया.

भारतीय चौकी देंगावाली से घुसपैठ करने के लिए इन्होंने एलओसी पर पूरा दिन गुजारा. इसके बाद जबीउल्लाह समेत लश्कर के इन छह आतंकियों को भारतीय सुरक्षा बलों ने घेर लिया. मुठभेड़ में पांच आतंकी मारे गए. जबीउल्लाह को जिंदा पकड़ने में कामयाबी मिली.

जबीउल्लाह ने पूछताछ के दौरान ना सिर्फ केएफसी ट्रेनिंग कैंपों बल्कि जमात उद दावा के अन्य कैंपों की भी जानकारी दी. ये कैंप गढ़ी हबीबुल्ला वन क्षेत्र में ताबूक कैंप, मानसेरा, केपीके सूबा सरहद में स्थित हैं. यहां आतंकियों को ‘दौर-ए-आम’ के नाम से हथियारों और फिजिकल फिटनेस की ट्रेनिंग दी जाती है.

जबीउल्लाह की दी जानकारी के मुताबिक लश्कर जिहाद के नाम पर आतंकियों को खुले आम ट्रेनिंग देने के साथ नए लड़कों की भर्ती भी लगातार कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक जबीउल्लाह के साथ विभिन्न कैंपों में 450 आतंकी ट्रेनिंग ले रहे थे. इन सब को कश्मीर में गड़बड़ी के मंसूबे से ट्रेनिंग दी जा रही थी.

advt
Back to top button