ये नजर किसी अभिशाप से कम नहीं

नज़र दोष के प्रभाव में आने से स्वास्थ्य, सोच और प्रगति पर लग सकता है विराम

आंख जो शरीर का सबसे मुख्य अंग माना जाता है,क्यों कि इन्हीं आखों के जरिए हम इस पूरे संसार की खूबसुरती को इन नजरों से देख सकते हैं। आंखों में एक अलग शक्ति होती है,जिसे किसी को भी अपना बनाया जा सकता है।

लेकिन अगर बुरी नज़र से देखे तो वो किसी अभिशाप से कम नहीं है। जब कभी कोई व्यक्ति किसी की उन्नति या भाग्य को देखकर ईर्ष्या महसूस करता है तो उसे नज़र लग सकती है।

कई बार देखा गया है नज़र लगने से अच्छा भला व्यक्ति बीमार पड़ जाता है या जानी-अनजानी परेशानियों से घिरा रहता है। नज़र दोष के प्रभाव में आने से स्वास्थ्य, सोच और प्रगति पर कुछ समय के लिए विराम लग जाता है।

इससे बचने के लिए कुछ उपाय

नज़र लगने पर अकसर आंखों और पलकों में भारीपन रहता है। इस असर को बेअसर करने के लिए नज़र लगे व्यक्ति से तीन बार दूध उतारकर एक मिट्टी के बर्तन में रखकर कुत्तों को पिलाएं।

काम में मन न लगे तो 7 लाल मिर्च डंठल सहित 9, 11, या 21 बार नज़र लगे व्यक्ति के ऊपर से उतारकर अग्नि में डाल देने से नज़र उतर जाती है।

नज़र लगे व्यक्ति को उल्टी या डायरिया की समस्या होने पर पान में गुलाब की पंखुड़ियां रख कर अपने इष्टदेव का नाम लेकर खिलाने से बुरी नज़र का प्रभाव दूर होता है।

छोटे बच्चे अगर ज्यादा रोएं, दूध न पिएं या उनमें चिड़चिड़ापन आ जाए तो लाल मिर्च, अजवायन अौर पीली सरसों को एक मिट्टी के छोटे बर्तन में लेकर जलाएं। इसका धुंआ देने से बच्चे की नज़र उतर जाती है।

अगर किसी इंसान को खाने की चीजों से चिड़ मचे या खाना कम कर दे तो समझ लेना चाहिए कि उसे नज़र लगी है। उस पर से तेल लगी रोटी 7 बार वारकर काले कुत्ते को खिला दें। नज़र दोष दूर हो जाएगा।

किसी न किसी काम में रुकावट होना भी नज़र लगना ही होता है। इसके लिए नींबू को सिर से वारकर चार टुकड़ों में काटकर चौराहे पर चारों दिशाओं में फेंक दें।

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