डेबिट-क्रेडिट कार्ड के साइबर अटैक से बचने के लिए अपनाए यह तरीका

साइबर अटैक से बचने के लिए डेबिट-क्रेडिट कार्ड का बीमा सबसे जरूरी

नई दिल्ली: देश में कोरोना संक्रमण के साथ साइबर अटैक भी तेजी से बढ़ा है। इस दौरान संक्रमण से बचने के लिए ऑनलाइन खरीदारी में डेबिट-क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल धरल्ले से हो रहा जिससे साइबर अटैक का खतरा भी तेजी से बढ़ गया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बचने के लिए डेबिट-क्रेडिट कार्ड का बीमा करना सबसे जरूरी है। बीमा कंपनियों की ओर से मुहैया कराया जाने वाला प्रोटेक्शन प्लान न सिर्फ साइबर धोखाधड़ी से बल्कि पर्स गुम हो जाने या चोरी होने पर पर कवर मुहैया कराता है।

साथ ही नए कार्ड का आवदेन करने में भी सहूलियत देता है। यात्रा में ऐसा होने पर होटल, खाने-पीने के बिल आदि का भुगतान करने के लिए तुरंत आर्थिक मदद भी मिलती है। कार्ड प्रोटेक्शन प्लान के लिए आपको सालाना 1,600 से लेकर 2,500 रुपए तक चुकाने होंगे। अगर कहीं घूमने या सफर के दौरान आपका पर्स गुम होता है तो ये प्रोटेक्शन प्लान आपके होटल का खर्च उठाता है।

कहां से खरीद सकते हैं बीमा

अधिकांश बीमा कंपनियां कार्ड प्रोटेक्शन प्लान ऑफर करती है। इसके साथ ही बैंक, क्रेडिट कार्ड कंपनियां इत्यादि भी इस तरह के उत्पाद की पेशकश करते हैं। आप बैंक या बीमा कंपनी से संपर्क कर आसानी से यह बीमा प्लान खरीद सकते हैं। इसके लिए आपको एक ऑनलाइन या ऑफलाइन फॉर्म भरना पड़ता है। इसमें व्यक्तिगत जानकारी देना होता है। इसमें प्रीमियम की भी जानकारी दी गई होती है। फॉर्म और पैसा जमा करने पर आपको एक वेलकम किट भेजी जाती है। इसमें पॉलिसी, कवर की राशि, नियम और शर्तें की पूरी जानकारी होती है।

ये जानकारी जरूरी

कार्ड प्रोटेक्शन प्लान बीमा एक साल के लिए प्रभावी रहता है।
कवर को खत्म होने से बचाने के लिए ऑटो रिन्यू विकल्प का चयन कर सकते हैं।
कार्ड प्रोटेक्शन प्लान लेने से पहले प्रीमियम, मिलने वाली सहूलियत और कवर की राशि का आकलन जरूर कर लेना चाहिए।
कभी भी सिर्फ प्रीमियम को देखकर पॉलिसी का चयन नहीं करना चाहिए।

इस तरह मिलती है सुरक्षा

इसमें डेबिट-क्रेडिट कार्ड खो जाने के बाद उससे होने वाले ट्रांजेक्शन का कवर मिलता है।
अगर कार्ड खो जाता है तो आपके फोन करते ही सभी कार्ड ब्लॉक कर दिए जाते हैं।
इसके साथ ही आपको बैंक से नया कार्ड लेने के लिए कोई फीस नहीं चुकानी पड़ती।

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