इस नई तकनीक से जुड़ेंगे टूटी हुई हड्डियां, पढ़िए पूरी खबर…

बायोकम्पार्टेबल बोन पैच को डॉक्टरो को बस गीली हड्डी लगाना होगा

नई दिल्ली: स्वीडन के KTH रॉयल इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी ने एक ऐसा बोन पैच बनाकर तैयार किया है जिसकी मदद से अब टूटी हुई हड्डी को जोड़ने में आसानी होगी. हड्डी के टूटने पर ज्यादातर डॉक्टर हड्डी सीधी रखने के लिए स्टील प्लेट्स व स्क्रूज़ का इस्तेमाल करते हैं. पर अब इसकी मदद से हड्डीयों के ज्वाइंट्स के बीच तालमेल बिठाने और उन्हें सीधा रखने में यह बोन पैच मदद करेगा.

KTH रॉयल इंस्टीच्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी ने बताया कि यह बायोकम्पार्टेबल बोन पैच को डॉक्टरो को बस गीली हड्डी लगाना होगा. जिसके बाद इसे LED लाइट के सम्पर्क में 5 मिनट रखने पर हड्डी एक-दूसरे के साथ मजबूती से तालमेल बना लेगी. और बताया कि इसे पहले चूहों के उपर इस्तमाल किया गया, और टेस्ट सफल रहा.

माना जा रहा है कि यह पैच 55 प्रतिशत ज्यादा स्ट्रैंथ देगा जिससे हड्डियों को आपस में जोडने में डॉक्टरों को आसानी होगी. उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में स्वीडन की Biomedical Bonding AB कम्पनी द्वारा इसे लोगों तक पहुंचाया जाएगा.

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