छत्तीसगढ़राजनीति

भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की उपज है यह योजना: शुक्ला

तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू किए जाने के लिए कांग्रेस ने किया मुख्यमंत्री का आभार

रायपुर: प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने तेंदूपत्ता संग्रहको के लिए शुरू की गई तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना शुरू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा की मोदी सरकार की आदिवासी विरोधी चरित्र की उपज है यह योजना.

मोदी सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहको के लिए चलाई जाने वाले बीमा को बंद कर दिया था इस कारण राज्य सरकार को यह योजना लागू करना पड़ा, ताकि तेंदूपत्ता श्रमिको उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा दी जा सके.

शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना में तेंदूपत्ता संगहण कार्य में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवार के मुखिया (50 वर्ष से अधिक आयु नहीं होने की स्थिति में) की सामान्य मृत्यु पर नामांकित व्यक्ति अथवा उत्तराधिकारी को 2 लाख रूपए की अनुदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी.

दुर्घटना से मृत्यु होने पर दो लाख रूपए अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा. दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति में 2 लाख रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में एक लाख रूपए की सहायता अनुदान राशि दी जाएगी.

योजना के अंतर्गत यदि संग्राहक परिवार के मुखिया की 50 से 59 आयु वर्ष के बीच सामान्य मृत्यु होती है, तो 30 हजार रूपए, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 75 हजार रूपए, दुर्घटना में पूर्ण विकलांगता की स्थिति पर 75 हजार रूपए और आंशिक विकलांगता की स्थिति में 37 हजार 500 रूपए की सहायता अनुदान राशि परिवार के नामांकित व्यक्ति या उत्तराधिकारी को दी जाएगी.

छत्तीसगढ़ राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण में लगे परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के समन्वय से यह योजना प्रारंभ की गयी है.

इस योजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ द्वारा किया जाएगा, जिसमें संबंधित जिला यूनियन द्वारा ही एक माह के अंदर प्रकरणों का निराकरण करते हुए सहायता अनुदान की राशि सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में प्रदाय की जाएगी.

कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि तेंदूपत्ता संग्रहको के बीमा के बारे में लगातार बयान बाजी करने वाले बृजमोहन अग्रवाल में साहस हो तो अब वे मोदी सरकार से पूछे उसने तेंदूपत्ता संग्रहको का बीमा करना क्यो बन्द किया था ? राज्य सरकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के सामाजिक सुरक्षा एवं आर्थिक सुदृढ़ता सुनिश्चित करने के लिए वचनबद्ध है.

राज्य में तेंदूपत्ता संग्रहण दर 2500 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा की गई है. यह कांग्रेस सरकार की अपने घोषणा पत्र के वायदों को पूरा करने की प्रतिबद्धता को बताता है.

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