मकर संक्रांति के दिन नहीं करना चाहिए ये काम, नहीं तो हो जायेगा अशुभ

इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना चाहिए

हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है मकर संक्रांति, ऐसा इसलिए क्योंकि पौष मास में रुके सभी शुभ कार्य इस दिन के बाद से पूरे होने शुरू हो जाते हैं. विक्रम संवत पंचांग के मुताबिक जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, उस दिन मकर संक्रांति मनाई जाती है। यही कारण है कि कभी ये त्योहार 14 जनवरी तो किभी 15 जनवरी को मनाया जाता है.

सुबह-सुबह उठकर नहाना, अपने ईष्ट देव को प्रणाम करना, पतंगबाजी और खिचड़ी- हर प्रांत में इस त्योहार को मनाने का तरीका अलग होता है. यह त्योहार सर्दियों की समाप्ति और नई फसल के मौसम की शुरुआत का भी प्रतीक है. इस खास मौके पर कुछ विशेष संदेशों को शेयर कर अपने दोस्तों व परिजनों को आप इस खास दिन की बधाई दे सकते हैं.

मकर संक्रांति से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है. इस दिन जहां कुछ काम शुभ माने गए हैं तो वहीं कुछ कार्यों को वर्जित किया गया है. आइए जानते हैं कि इस दिन कौन से काम नहीं करने चाहिए. कुछ लोग सुबह उठते ही चाय और स्नैक्स खाना शुरू कर देते हैं लेकिन आज के दिन ऐसा ना करें.

इस दिन बिना स्नान किए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. मान्यता है कि इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना चाहिए. जिन लोगों के लिए ये संभव नहीं है वो कम से कम घर पर ही सही लेकिन स्नान जरूर कर लें.

मकर संक्रांति प्रकृति के साथ जश्न मनाने का पर्व है. इस दिन घर के अंदर या बाहर किसी पेड़ की कटाई-छंटाई भी नहीं करनी चाहिए. मकर संक्रांति के दिन शराब, सिगरेट, गुटका जैसी चीजों से बचना चाहिए. इस दिन मसालेदार भोजन भी नहीं खाना चाहिए.

आज के दिन तिल, मूंग दाल की खिचड़ी का सेवन करना शुभ माना जाता है. साथ ही इन सब चीजों का यथाशक्ति दान करना चाहिए. अगर सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं तो संध्या काल में अन्न का सेवन न करें. सूर्योदय और सूर्यास्त के समय पूजा-पाठ करें.

मकर संक्रांति के दिन अगर कोई भी भिखारी, साधु या बुजुर्ग आपके घर आए तो उसे खाली हाथ ना लौटाएं. अपनी सामर्थ्य के अनुसार कुछ ना कुछ दान अवश्य करें. इस दिन भूलकर भी लहसुन, प्याज और मांस का सेवन नहीं करना चाहिए. मकर संक्रांति का पर्व सादगी के साथ मनाना चाहिए.

खाने में भी सात्विकता का पालन करें. मकर संक्रांति प्रकृति का त्योहार है. इसे हरियाली का उत्सव माना जाता है. इसलिए इस दिन फसल काटने के काम को टाल देना चाहिए. आज के दिन अपनी वाणी पर संयम रखें और गुस्सा ना करें. किसी को बुरे बोल ना बोलें और सबके साथ मधुरता का व्यवहार करें.

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