इस विशेष मंत्र को 108 बार जपने से पूरी होगी सारी मनोकामना

आज वैशाख शुक्ल षष्ठी पर स्कंद षष्ठी का पर्व

आज वैशाख शुक्ल षष्ठी पर स्कंद षष्ठी का पर्व का है। जो कि इसलिए महत्वपूर्ण है कि यह पर्व भगवान शंकर व भगवती पार्वती के पुत्र कार्तिकेय अर्थात भगवान स्कंद को समर्पित है। शास्त्रों के मुताबिक शुक्ल षष्ठी को दक्षिणापथ में भगवान कार्तिकेय के दर्शन मात्र से ब्रह्महत्या जैसे पापों से मुक्ति मिलती है।

इससे जुड़ी पौराणिक कथानुसार स्कंद षष्ठी की उपासना से च्यवन ऋषि को आंखों की ज्योति प्राप्त हुई। ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार स्कंद षष्ठी की कृपा से प्रियव्रत का मृत शिशु जीवित हो उठा था।

किस तरह करें पूजा

विशेष पूजन: शिवालय जाकर भगवान कार्तिकेय का विधिवत पूजन करें। सरसों के तेल का षडमुखी दीप करें, लोहबान से धूप करें, बरगद के पत्ते व नीले फूल चढ़ाएं, काजल चढ़ाएं, काली मिर्च व बादाम चढ़ाएं तथा नारियल से बने मिष्ठान का भोग लगाएं।

इस विशेष मंत्र को 108 बार जपें। इसके बाद भोग किसी गरीब बच्चे को बांट दें।

विशेष मंत्र: ॐ स्कन्दाय खड्गधराय नमः॥
विशेष मुहूर्त: सुबह 11:20 से दिन 12:20 तक।

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