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पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे की इस बयान से युवा कांग्रेस में मची खलबली

सोशल मीडिया पर जीतू पटवारी का नाम भावी मुख्यमंत्री के तौर पर ट्रेंड कर रहा

भोपाल: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे छिंदवाड़ा से सांसद नकुलनाथ के प्रदेश कांग्रेस में युवाओं का नेतृत्व करने की बात कहे जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है।

नकुलनाथ के इस बयान के बाद इस मामले में मालवा के कांग्रेसी नेता जीतू पटवारी की भी एंट्री हो गई है | सोशल मीडिया पर जीतू पटवारी का नाम भावी मुख्यमंत्री के तौर पर ट्रेंड कर रहा है। इससे कमलनाथ खेमे में भी खलबली मच गई है।

हालाँकि इससे पूर्व राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्द्धन सिंह का भी पोस्टर भावी मुख्यमंत्री के रूप में लग चुका है। उधर मामले के गरमाते ही सांसद नकुलनाथ ने सफाई देते हुए कहा है कि मेरे कहे को गलत प्रचारित किया जा रहा था। मैंने कहा था हम सब युवा नेता सामूहिक तौर पर आगे बढ़कर कांग्रेस को मजूबत करें।

उधर जीतू पटवारी भी नकुलनाथ की तर्ज पर सफाई दे रहे है। उन्होंने भी कहा कि यह भाजपा का मुद्दों से भटकाने का षड़यंत्र है। दरअसल 4 दिन पहले एक वीडियो में नकुलनाथ ने दावा किया था कि आने वाले उप चुनावों में युवाओं का नेतृत्व वे करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा था कि पिछले मंत्रिमंडल में जो हमारे युवा मंत्री थे, जीतू पटवारी, जयवर्द्धन सिंह, तरुण भनोत, हनी बघेल, सचिन यादव और ओमकार मरकाम, ये सब अपने क्षेत्र में आने वाले उप चुनाव में युवाओं का नेतृत्व मेरे साथ करेंगे।

उधर ट्वीटर पर मालवा के चर्चित नेता जीतू पटवारी भी कांग्रेस और कमलनाथ की रणनीति पर पैनी निगाह रखे हुए है | युवा नेतृत्व के मामले में उन्होंने खुद बा खुद अपनी एंट्री कर ली है।

ट्वीटर पर – उनके लिए संदेश, ना राजा,ना व्यापारी, अबकी बार जीतू पटवारी ..गरीबों का सेवक, मप्र की शान आपका जीतू पटवारी… थर-थर कांपे अत्याचारी जैसे स्लोगन ट्रेंड कर रहा हैं। साफ़ है कि वे भी लंबी सोच के साथ मैदान में डटे है।

हालाँकि जयवर्द्धन सिंह भी भावी सीएम के तौर पर अपने प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ रहे है। उधर कांग्रेस के अंदरखाने पर बीजेपी की भी निगाह है। नकुल नाथ के युवा नेतृत्व को लेकर दिए बयान पर गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस में नेतृत्व पर हमेशा परिवारवाद हावी रहा है।

उनके मुताबिक अब वही खींचतान प्रदेश कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर भी चल रही है। उन्होंने कहा कि यह साफ नजर आ रहा है कि प्रदेश में अब युवाओं का नेतृत्व जहां नकुलनाथ करेंगे। वहीं, बुजुर्गों का नेतृत्व कमलनाथ के हाथ होगा। बाकी सारी कांग्रेस अनाथ रहेगी। उसका नेतृत्व कौन करेगा, यह देखना होगा।

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