कलेक्टर के इस्तीफे और भाजपा प्रवेश के खबरों के बीच अमित जोगी का ये बयान

रायपुर:

रायपुर कलेक्टर ओ पी चौधरी के इस्तीफे और भाजपा प्रवेश की खबरों के बीच मरवाही विधायक अमित जोगी का बड़ा बयान सामने आया है। अमित जोगी ने बयान में कहा है कि खरसिया से चुनाव लड़ाने के उद्देश्य से भाजपा द्वारा कलेक्टर ओपी चौधरी को इस्तीफा दिलाने से यह स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश की जनता में भाजपा सरकार और भाजपा नेताओं के विरुद्ध अविश्वास का माहौल है।

यही वजह है कि अब भाजपा शासकीय पदों में बैठे अधिकारियों का सहारा लेकर चुनाव जीतने का सपना देख रही है। लेकिन ये सपना ही रह जायेगा। अमित जोगी ने यह भी कहा कि इस घटनाक्रम से हमारे द्वारा पूर्व में लगाया गया आरोप भी प्रमाणित होता है कि विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए भाजपा सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है और कुछ अधिकारी भाजपा एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।

मरवाही विधायक अमित जोगी ने कहा कि कलेक्टर ओपी चौधरी का इस्तीफा दिया जाना और भारतीय जनता पार्टी में शामिल होकर खरसिया से चुनाव लड़ने के संबंध में सिर्फ यही कहा जा सकता है कि चुनाव बुद्धिमत्ता के आधार पर नहीं बल्कि लोकप्रियता के आधार पर लड़े जाते हैं।

अमित जोगी ने सवाल उठाया कि क्या ओपी चौधरी की बुद्धिमत्ता और लोकप्रियता दोनों भारतीय जनता पार्टी की नजर में एक बराबर है या उन्हें सिर्फ जाति विशेष का होने के कारण ही खरसिया से चुनाव लड़ाया जा रहा है?

भारतीय जनता पार्टी जातिवादी राजनीति करने का बार-बार खंडन करते आयी है, परंतु खरसिया के चुनाव के संबंध में उन्होंने जिसे प्रत्याशी बनाने के लिए अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए कलेक्टर के पद से इस्तीफा दिलाया है उसका आधार ही सिर्फ जाति है।

खरसिया विधानसभा भारतीय जनता पार्टी के पितृपुरुष कहे जाने वाले स्व. लखीराम अग्रवाल का गृहक्षेत्र है, उन्हें भारतीय जनता पार्टी अपना वटवृक्ष भी कहती है, तो क्या यह कहावत भी वहां चरितार्थ हो रही है कि वटवृक्ष के नीचे कोई दूसरा पौधा नहीं पनपता इसीलिए खरसिया में किसी दूसरी नर्सरी से पौधा लाकर भाजपा अपनी चुनावी नैया पार करना चाह रही है।

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