इस बार नवरात्रि में बनेंगे कई शुभ संयोग, ऐसे करें शक्ति की आराधना

रायपुर। इस बार चैत्र नवरात्रि( Chaitra Navratri 2019) पर सर्वार्थसिद्धि योग और रवि योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सर्वार्थसिद्धि और रवि योग के संयोग में विधि-विधान से देवी दुर्गा की पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। साथ ही खास बात यह है कि इस बार चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में पांच बार सर्वार्थसिद्धि योग पड़ रहा है। चूंकि सर्वार्थसिद्धि योग को हर तरह के कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है, इसलिए हिन्दू पंचांग के अनुसार नए साल की शुरुआत सभी वर्गों के लिए शुभदायी साबित होगी।

देवी साधना से धनधान्य में वृद्धि

महामाया मंदिर के पुजारी पं.मनोज शुक्ला के अनुसार छह अप्रैल से नए संवत्सर 2076 की शुरुआत हो रही है। नवरात्रि के नौ दिनों में पांच बार सर्वार्थ सिद्धि योग और दो बार रवि योग पड़ रहा है। इन दोनों योग में देवी दुर्गा की पूजा का खास महत्व है। धर्म की रक्षा के लिए और धन-धान्य की वृद्धि के लिए दोनों योग में देवी साधना करने से उचित फल की प्राप्ति होती है।

नवरात्रि के पहले दिन छह अप्रैल को चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि पर रेवती नक्षत्र पड़ रहा है। इस नक्षत्र में भी देवी पूजन करना शुभ माना जाता है। इसके अगले दिन सात अप्रैल द्वितीया तिथि को सर्वार्थ सिद्धि योग पड़ रहा है। इसके बाद 11 अप्रैल षष्ठी तिथि पर रवियोग का संयोग है। 12 अप्रैल को सप्तमी तिथि पर पुनः सर्वार्थसिद्धि योग है। 13 अप्रैल को अष्टमी और 14 अप्रैल को नवमी तिथि पर रवि पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि योग का संयोग है।

महामाया मंदिर में होने लगा ऑनलाइन पंजीयन

राजधानी में पहली बार पुरानी बस्ती स्थित महामाया देवी मंदिर में जोत प्रज्ज्वलन के लिए ऑनलाइन पंजीयन शुरू किया गया है। इससे रायपुर के अलावा देश-विदेश में रहने वाले भक्त आसानी से पंजीयन करा सकेंगे। अब तक अन्य शहरों में रहने वाले भक्तों को कई दिनों पहले पत्र लिखकर अथवा किसी रिश्तेदार के माध्यम से पंजीयन करवाना पड़ता था। अब मिनटों में ऑन लाईन पंजीयन करवाने में सुविधा होगी।

साढ़े 10 हजार का लक्ष्य प्राप्त होते ही बंद हो जाएगा पंजीयन

मंदिर ट्रस्ट से मिली जानकारी के अनुसार हर साल 10 हजार 700 जोत प्रज्ज्वलन किया जाता है। मंदिर में इतनी ही संख्या में जोत प्रज्ज्वलन की व्यवस्था है। इस वजह से लगभग साढ़े 10 हजार की संख्या का आंकड़ा पहुंचते ही ऑनलाइन पंजीयन अपने आप बंद हो जाएगा।

अन्य देवी मंदिरों में होने लगा पंजीयन

इसके अलावा रावांभाठा स्थित बंजारी मंदिर, आकाशवाणी के समीप काली मंदिर, कुशालपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर, पुरानी बस्ती के शीतला मंदिर समेत अन्य देवी मंदिरों में भी जोत के लिए पंजीयन शुरू हो चुका है।

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