इस बार ‘तंबाकू व फेफड़े का स्वास्थ्य’ थीम पर मनेगा विश्व तंबाकू निषेध दिवस

स्वास्थ्य विभाग शुरू करेगा ‘यलो लाइन कैम्पेन’

रायपुर : इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस ‘तंबाकू व फेफड़े का स्वास्थ्य’ थीम पर मनाया जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने अनेक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रदेश में तंबाकूमुक्त शिक्षण संस्थान एवं तंबाकूमुक्त युवा पीढ़ी के निर्माण के लिए शैक्षणिक संस्थाओं के आसपास ‘यलो लाइन कैम्पेन’ भी चलाया जाएगा।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को इस संबंध में पत्र लिखकर अधिक से अधिक लोगों को इन कार्यक्रमों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि आम नागरिकों को तंबाकू के नुकसान और इससे होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक करने हर वर्ष 31 मई को वैश्विक स्तर पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा कोटपा एक्ट (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003) के प्रावधानों का कड़ाई से क्रियान्वयन और तंबाकू उत्पादों के उपयोग को हतोत्साहित करने 29 मई से 31 मई तक विशेष अभियान चलाए जाएंगे। प्रदेश में 15 मई से 15 जून तक ‘गैर संचारी रोग रोकथाम एवं उपचार माह’ भी मनाया जा रहा है। इसमें भी ‘तंबाकू व फेफड़े का स्वास्थ्य’ थीम के तहत लोगों की जांच की जा रही है।

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर 31 मई को रायपुर के अंबुजा मॉल में राज्य स्तरीय पेंटिंग, निबंध लेखन एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। वहां दोपहर एक बजे से कक्षा पांचवीं से बारहवीं तक के बच्चों के लिए तीन अलग-अलग आयु वर्गों में पेंटिंग स्पर्धा तथा ग्यारहवीं व बारहवीं के बच्चों के लिए निबंध प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता भी रखी गई है। सभी स्पर्धाओं के विजेताओं को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे।

यलो लाइन कैम्पेन

विभाग ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों को जिला और विकासखंड स्तर पर ‘यलो लाइन कैम्पेन’ चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत सभी शैक्षणिक तथा शासकीय संस्थाओं के 100 गज के दायरे में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वहां तंबाकू उत्पादों की बिक्री व इस्तेमाल न हो।

इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों के 100 गज के दायरे में तंबाकू विक्रेताओं की मैपिंग कर इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में तंबाकू दुकानों को हटाया जाएगा। स्कूलों एवं कॉलेजों में विद्यार्थी और अध्यापक तंबाकू निषेध की शपथ भी लेंगे। साथ ही परिसर की बाउंड्रीवॉल से 100 गज की दूरी पर तंबाकूमुक्त क्षेत्र के संकेत के रूप में पीली रेखा खींची जाएगी। इस अभियान में विद्यालय तंबाकू नियंत्रण समिति, अध्यापकों, छात्र-छात्राओं, मीडिया और आम लोगों को सहभागी बनाया जाएगा।

तंबाकू के दुष्प्रभाव

तंबाकू का इस्तेमाल पूरी दुनिया में मौत के प्रमुख कारणों में एक बन रहा है। तंबाकू सेवन करने वाले 50 फीसदी लोग असाध्य रोगों से ग्रसित होकर शीघ्र मौत के मुंह में चले जाते हैं। ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2016-17 के अनुसार छत्तीसगढ़ में 39.1 प्रतिशत लोग तंबाकू उत्पादों का उपयोग करते हैं।

इनमें 57.3 प्रतिशत पुरूष एवं 24.6 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। तंबाकू उत्पादों का उपयोग शहरी क्षेत्रों में 29 प्रतिशत तथा ग्रामीण इलाकों में 42 प्रतिशत है। हालांकि ग्लोबल एडल्ट टोबैको सर्वे 2009-10 के आंकड़ों की तुलना में छत्तीसगढ़ में तंबाकू के इस्तेमाल में कमी आई है। भारत में करीब साढ़े 27 करोड़ लोग किसी न किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं।

छत्तीसगढ़ में तंबाकू उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता लाने एवं कोटपा एक्ट (सिगरेट एवं अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम-2003) के प्रावधानों को लागू करने के लिए राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम सभी 27 जिलों में चल रहे हैं। तंबाकू नियंत्रण सेल के द्वारा इसके उपयोग को नियंत्रित करने लगातार कोशिशें की जा रही हैं।

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