इस महिला ने शिक्षा के लिए दान कर दी अपनी जीवन भर की जमापूंजी

नम आंखों से ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

धमतरी, शिक्षा को बढ़ावा देने अपनी कमाई का पूरा पैसा विद्यार्थियों और स्कूलों के हित के लिए दान करने वाली दुखिन बाई यादव अब नहीं रहीं। उनके निधन का समाचार प्रसारित होते ही पूरा गांव, शिक्षा विभाग के अधिकारी व विद्यार्थियों की भीड़ घर के सामने लग गई। नम आंखों से ग्रामीणों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।

दुखिन बाई जिले की ऐसी महिला थीं, जो छोटा सा होटल चलाने के बावजूद बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल के नाम से हर माह 600 रुपये जमा करती। बच्चे बेहतर ढंग से पढ़ सके इसलिए स्कूल को हजारों रूपये दान दिया था। जिला मुख्यालय से 27 किलोमीटर दूर ग्राम सेमरा बी निवासी दुखिन बाई यादव की 25 जून को निधन हो गया।

निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। परिजनों, ग्रामीणों, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने अंतिम संस्कार किए। नम आंखों से श्रद्धांजलि दी। अंतिम संस्कार में शिक्षा विभाग के सहायक संचालक लक्ष्मण राव मगर, प्राचार्य अशोक पवार,

चंदूलाल चंद्राकर, राजेन्द्र चंद्राकर, कृपाशंकर मिश्र, वीपी चंद्रा, बी मैथ्यू, कृष्णा साहू, यशवंत सिन्हा, ईश्वरी दयाल साहू, सरपंच दिनेश राजपूत, प्रधानपाठक डीके, ग्रामीण राजेन्द्र साहू, केशव साहू, भारत निर्मलकर, लोचन पटेल, टिकेश्वर पटेल, नरेश यादव समेत ग्रामीण शामिल हुए।

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