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राजनीतिक दलों के हाथों से खेलने वालों ने बिगाड़ा है वार्ड का नक्शा

नए सिरे से समस्याओ का होगा निबटारा.. हर परिवार जुड़े सरकारी योजनाओं से यही होगा प्रयास : राजकुमारी साहू

अरविन्द

रायपुर: नगर के सबसे बड़े वार्ड शास्त्री नगर वार्ड क्रमांक 8 में विकास और जनकल्याण की आसीम संभावनाएं थी. मानव संसाधन के साथ ही स्कूल, भवन, नाली पानी से जुड़ी समस्याओं का निदान भी इन संभावनाओं में शामिल था लेकिन बड़े राजनीतिक दलों के हाथों खेलने वालों ने वार्ड का नक्शा बिगाड़ कर रख दिया.

उन्हें न ही यहां की बुनियादी परेशानियों से कोई सरोकार था और न ही लोगो के विकास से. उन्होंने पांच सालों तक अपनी झोली भरने का काम किया है, वार्डवासियों को ठगने का काम किया है.

आज जब आरक्षण की वजह से यह सीट महिलाओ के लिए सुरक्षित हो गया तो उन कारोबारी और बड़े ठेकेदारो ने अपना हित साधने अपने मोहरों को फिर एक बार वार्ड के सामने पेश कर दिया है. लेकिन अब वार्ड के लोगो के सामने ऐसे नेताओं का चेहरा बेनकाब हो चुका है. जनता ऐसे नेताओं की मंशा भांप चुकी है.

इसलिए अब परिवर्तन कि सोच के साथ वार्डवासी किसी बाहरी और कारोबारियों के उम्मीदवारों को नही अपने परिवार की बेटी को अपना नेता चुनेंगे. चाल, चेहरा और चरित्र वार्ड 08 के नेतृत्व का मापदंड होगा. स्वच्छ छवि और बेदाग उम्मीदवार को इसबार जनता वार्ड का बागडोर सौंपेगी.

वार्ड की जनता तय करेगी वार्ड का विकास और कल्याण

ये तमाम बातें वार्ड क्रमांक 08 की सबसे मजबूत महिला उम्मीदवार राजकुमारी साहू ने कही है. निर्वाचन कार्यालय ने उन्हें “उगता सूरज” का निशान आबंटित किया है. उनका मानना है कि उगता हुआ यह सूरज उम्मीदों का सूरज है. ये विकास, जनकल्याण और सरोकारों की नई किरण से उदित होगा जबकि समस्याओ के अंधेरों में आशा की नई किरण फैलाएगा.

प्रचार के दौरान मिल रहे अपार जनसमर्थन से गदगद राजकुमारी ने भावुक होकर बताया कि गली-मोहल्लों की समस्या को हमेशा नजरअंदाज किया गया.

वोटरों का बेवजह की चीजो की तरफ ध्यान भटकाकर उनका बेजा इस्तेमाल किया गया. कमीशन के लिए गुणवत्ताहीन सड़के, नाली बनाई गई लेकिन वार्ड में बने एक चिकित्सालय में अदद एक नियमित डॉक्टर की भी पदस्थापना नही हो सकी.

राजकुमारी साहू ने साफ किया कि उनके पार्षद चुने जाने के बाद वार्ड के विकास और लोगो के कल्याण की तस्वीर खुद वार्डवासी ही गढ़ेंगे. हमे न ही किसी नेता के अनुमति की जरूरत होगी और न ही किसी से पूछने की. शास्त्रीनगर अब अपनी तकदीर खुद लिखेगा.

हर गरीब का बनेगा प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं का मिलेगा सीधा लाभ

उन्होंने वार्ड के उन गरीब परिवारों के लिए भी अपनी मंशा जाहिर की जो दस्तावेजो के अभाव में दर-दर भटकने पर मजबूर है. आज न ही उन्हें चावल मिल पा रहा है और न ही दूसरी योजनाओ का लाभ. राजकुमारी साहू ने स्पष्ट किया कि एक-एक परिवार से भेंटकर उनके इस कागजी समस्याओ को दुरुस्त करने का काम वह करेंगी और अगर उनके इस प्रयास से किसी गरीब परिवार को मदद मिल पाती है तो उनका लक्ष्य स्वमेव ही पूरा हो जाएगा.

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि कांक्रीट के कामो को विकास कहने वालो को शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने कभी महिला समूहों की ओर मुंह उठाकर नही देखा. मजबूर हालात में चंद पैसो से अपना घर चलाने वाली महिलाओ के पास आज काम नही है. वह कर्ज के बोझ तले दबी हुई है लेकिन किसी भी नेता ने उनकी सुध नही ली.

महिलाओ को करेंगे कर्जमुक्त, बनेगी सशक्त, सुदृढ़

श्रीमती साहू ने साफ किया कि पार्षद के रूप में महिलाओं को सुदृढ, सशक्त और ऋणमुक्त कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा. अब किसी माँ और बेटी को नगरपालिका में गिड़गिड़ाने की जरूरत नही पड़ेगी. न ही कोई चिटफंड कंपनी उनपर कर्ज पटाने अनावश्यक दबाव बना पाएंगी.

ऐसो के खिलाफ अगर उन्हें पुलिस प्रशासन से गुहार लगानी पड़े तो वह भी करेंगे. राजकुमारी साहू ने दावा किया है कि गरीब परिवार अब बेहिचक अपने सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे.

वह खुद उनके हर प्रकार की मदद के लिए 24 घण्टे उपलब्ध रहेंगी. वह एक पार्षद के रूप में उनकी अगुवाई करने के लिए आतुर है. आपको बता दे कि राजकुमारी साहू युवा नेता और बैंकिग कारोबार के विशेषज्ञ गोवर्धन साहू की धर्मपत्नी है. वह इस बार निर्दलीय मैदान में है. समस्याओं और तकलीफों से जूझ रहे शास्त्रीनगर को समस्याविहीन करने की मंशा से उन्होंने मैदान में उतरने का मन बनाया था और जनता ने उनके इस मंशा को अबतक सही साबित किया है. वह प्रचंड मतों से अपने विजय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त है.

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