केरल में बाढ़ से बदतर हुए हालात, 67 लोगों की मौत, PM ने CM से की बात

कोच्चि : केरल में बाढ़ के चलते बिगड़े हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं. राज्य में पिछले छह दिन में 67 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से मयप्पुरम में 17, इडुक्की में 16 और त्रिरुवनंतपुरम में सात लोगों की मौत हुई है. इसके अलावा छह लोग लापता बताए जा रहे हैं.

मूसलाधार बारिश और बाढ़ में दो हजार से ज्यादा घरों को नुकसान पहुंचा है. पूरे राज्य में 718 राहत कैंप खोले गए हैं, जिनमें 85 हजार 398 लोगों को पहुंचाया गया है. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने केरल के हालात को लेकर वहां के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से बातचीत की. पीएम मोदी ने कहा कि इस मुश्किल घड़ी में केंद्र सरकार केरल के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है. साथ ही हर जरूरी सहायता मुहैया कराने को तैयार है.

इसके अतिरिक्त बुधवार को केरल के पत्तनमथित्तू अयूर में आठ परिवार फंस गए और पांच लोगों की मौत हो गई. पत्तनमथित्तू अयूर में फंसे आठ परिवारों को हेलिकॉप्टर से निकालने की कोशिश की जा रही है. राहत एवं बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की और चार टीमों को पुणे से केरल के लिए रवाना किया गया है.

इसके अलावा एनडीआरएफ की कई टीमें पहले से ही तैनात हैं. सूबे में बाढ़ से बिगड़े हालात के बीच कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शनिवार 18 अगस्त दोपहर 2 बजे तक बंद कर दिया गया है. पेरियार नदी की बाढ़ का पानी एयरपोर्ट के भीतर तक पहुंच जाने की वजह से यह कदम उठाना पड़ा.

राज्य में बाढ़ के भीषण कहर से जान-माल का काफी नुकसान हुआ है. गौरतलब है कि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने की वजह से पूरे राज्य की सभी 33 बांधों के गेट खोल दिए गए थे. राज्य के इडुक्की में पांच अलग-अलग स्थानों पर भूस्खलन होने की खबर है. बारिश लगातार होने की वजह से बाढ़ की स्थ‍िति में सुधार नहीं हो पा रहा.

मंगलवार शाम से राज्य के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है. कई सड़कें और इमारतें पानी में डूब गई हैं. पर्यटकों को मुन्नार की तरफ न जाने की चेतावनी दी गई है. केरल में बारिश और बाढ़ ने भयंकर तबाही मचा रखी है. अगर मई महीने से जोड़ें तो बारिश के कहर से अब तक 180 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में पर्यटन मंत्री केजी अल्फोंस के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया किया था. उनके साथ केरल के सीएम पिनाराई विजयन भी थे. केंद्र ने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए त्रिशूर, एर्नाकुलम, अलप्पुझा, वायनाड, कोझिकोड और इडुक्की जिलों में एनडीआरएफ की कई टीमें तैनात की है. ये टीमें चिकित्सा सहायता के साथ राहत सामग्रियों के वितरण का भी काम कर रही हैं. इसके साथ ही एनडीआरएफ की अन्य टीमें भी तैनात रखी गई हैं.

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