ओडिशा विधानसभा में BJP के तीन विधायकों को होना पड़ा अधिवेशन से निलंबित

बीजेपी विधायक बीजेपी विधायकों ने शनिवार रात को भी अपना धरना जारी रखा

नई दिल्ली:ओडिशा विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी के तीन विधायकों(जय नारायण मिश्र, विष्णु सेठी और मोहन माझी) को इसलिए अधिवेशन से निलंबित होना पड़ा क्योंकि उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष सूर्य नारायण पात्र की तरफ कथित तौर पर चप्पल, ईयरफोन और कागज फेंके.

ये घटना उस वक्त हुई जब सदन ने बिना चर्चा के चंद मिनटों के भीतर ओडिशा लोकायुक्त (संशोधन) विधेयक को जल्दबाजी में पारित कर दिया. विधानसभा अध्यक्ष ने इन तीनों विधायकों को निलंबित करते हुए सदन छोड़कर चले जाने की रूलिंग जारी कर दी है.

ओडिशा विधानसभा स्पीकर ने कहा कि वीडियो फुटेज देखने के बाद इन तीनों विधायकों को इस अधिवेशन के लिए सदन से निलंबित किया गया है. इसके बाद BJP के विधायकों ने विधानसभा में अपने तीन सहयोगियों के निलंबन के विरोध में विधानसभा से बाहर निकलकर महात्मा गांधी की मूर्ति के नीचे धरना दिया.

‘हम पूरी रात बैठेंगे धरने पर’ :

बीजेपी विधायक बीजेपी विधायकों ने शनिवार रात को भी अपना धरना जारी रखा. एक महिला सदस्य कुसुम टेटे सहित BJP के विधायकों ने रात का भोजन किया और रात में भी धरना जारी रखा. अध्यक्ष एस एन पात्रो ने खुद आकर उनसे प्रदर्शन समाप्त करने का अनुरोध किया, लेकिन इसके बाद भी इन विधायकों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा.

नेता प्रतिपक्ष पी के नाइक ने कहा, “अध्यक्ष ने हमारे विधायकों को अपनी बात रखने का मौका दिए बिना बेवजह निलंबित कर दिया है. हम पूरी रात खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठे रहेंगे और कल एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करेंगे.

राज्य विधानसभा का बजट सत्र स्थगित भाजपा विधायक मुकेश महालिंग ने कहा, “हम पूरी रात धरने पर बैठेंगे. स्पीकर इस मामले को लापरवाही से मान रहे हैं. हम राज्यपाल से मिलेंगे और अपनी चिंताओं को उठाएंगे.” इस बीच, ओडिशा विधानसभा का बजट सत्र अपने तय समय से पांच दिन पहले शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया.

वित्त मंत्री निरंजन पुजारी की ओर से सदन में कैग की रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद सदन को स्थगित किया गया है. अध्यक्ष ने 12 मार्च से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे चरण की समाप्ति की घोषणा की, वैसे यह सत्र नौ अप्रैल तक चलने वाला था. सत्र का पहला चरण 18 फरवरी को शुरू हुआ था और 27 फरवरी तक जारी रहा.

विधानसभा में हुई इस घटना को लेकर बीजेपी विधायक विष्णु सेठी ने कहा कि ‘बीजेपी विधायक अध्यक्ष की गतिविधियों का विरोध कर रहे थे, क्योंकि उन्होंने नेता प्रतिपक्ष पीके नाइक को सदन में बोलने की अनुमति नहीं दी थी.’

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष एसएन पात्र ने खनन गतिविधियों में कथित भ्रष्टाचार पर चर्चा कराने के कांग्रेस के नोटिस को खारिज कर दिया था, जिसके बाद कांग्रेस के विधायक ने इसका विरोध करते हुए सदन के बीच भाग में आ गए और शोर मचाने लगे. BJP के विधायकों ने कांग्रेस का समर्थन किया था.

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