उत्तर प्रदेशराज्य

अपनी मां की याद में रोते बिलखते तीनो बच्चों ने की आत्महत्या

शवों के पास से बरामद सुसाइड नोट

लखीमपुर खीरी: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में दो भाई और एक बहन ने घर के आंगन में ही फांसी लगाकर सामूहिक आत्महत्या की. लोगो ने जब तीनों की लाशे एक साथ लटकती देखी तो उनकी चीखे निकल गई.

पुलिस को लाश के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है. इसमें इबारत दर्ज है कि वे तीनों भाई-बहन अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहे हैं. उनके मुताबिक वे अपनी मां के मरने का गम नहीं भुला पा रहे हैं.

अपनी मर्जी से आत्महत्या

शवों के पास से बरामद सुसाइड नोट में लिखा गया है कि वे तीनों भाई-बहन अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहे हैं. वह अपनी मां के मरने का गम नहीं भुला पा रहे हैं. उसमें लिखा, ‘कृपया हम तीनों भाई-बहन का पोस्टमॉर्टम न कराया जाए और कृपया अखबार में फोटो ना छापी जाए.’

दरअसल जान देने वाले तीनों बच्चों के मां की मौत 8 महीने पहले हुई थी. अब इन तीनो बच्चों की आत्महत्या से लखीमपुर थाना सदर कोतवाली क्षेत्र के शांति नगर मोहल्ले में मातम पसरा है. उधर बच्चों के पिता का रो रो कर बुरा हाल है.

बताया जाता है कि यहां रहने वाले आदित्य नामक शख्स यूपी एग्रो डिपार्टमेंट लखनऊ में नौकरी करते हैं. सुबह वे ड्यूटी पर गए थे. शाम को जब वे वापस अपने घर लौटे तो उन्होंने घर का दरवाजा बंद पाया. शक होने पर उन्होंने इसकी जानकारी पुलिस को दी.

पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा

मौके पर पहुंची पुलिस ने घर का दरवाजा तोड़ा. इसके बाद घर के आंगन का नजारा देखकर सभी के पैरो तले जमीन खिसक गई. दरअसल आदित्य के 35 साल के बेटे नागेश्वर, 28 साल के बेटे विवेक और 25 साल की छोटी बेटी, फांसी के फंदे से झूलते नजर आए. आत्महत्या करने वाले तीनों बच्चों के पिता आदित्य का बुरा हाल है. उन्हें महसूस हो रहा है कि उनकी दुनिया लूट गई है.

पुलिस के मुताबिक आदित्य की पत्नी का सितंबर महीने में स्वर्गवास हो गया था. इसके बाद से यह तीनों बच्चे हमेशा गुमसुम से रहने लगे थे. पुलिस ने बताया कि आदित्य ने अपने बड़े बेटे की शादी भी तय कर दी थी लेकिन मां की मौत के कारण बेटे ने शादी करने से भी मना कर दिया था.

आदित्य ने पुलिस को बताया कि बच्चों को मां की याद ने तनाव में डाल दिया था. उन्होंने बताया कि यह तीनों बच्चे प्रतिदिन अपनी मां को याद करके घंटों-घंटों रोया करते थे. यहां तक कि अपनी मां की याद में बच्चों ने खाना-पीना तक छोड़ दिया था.

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